आखिर रूस में क्या हुआ है?
शुक्रवार को मॉस्को के बाहर क्रोकस सिटी हॉल कॉन्सर्ट हॉल में संगीत समारोह की तैयारी थी। हॉल में प्रसिद्ध रूसी रॉक बैंड पिकनिक की परफॉर्मेंस होनी थी और इसे देखने के लिए भीड़ जमा हुई थी। समारोह शुरू होता कि इसके पहले छह हथियारबंद हमलावर इमारत में घुस गए और भीड़ पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले की वजह से कॉन्सर्ट हॉल की इमारत आग की चपेट में आ गई और इसकी सबसे ऊपरी मंजिल गिर गई। यहां अपनी जान बचाने के लिए कई लोगों ने शरण ले रखी थी। 140 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। वहीं, मॉस्को क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हमले के 140 से ज्यादा घायलों की जानकारी दी है। कई लोगों की हालत गंभीर है।
हमले की जिम्मेदारी किसने ली है?
- आतंकी संगठन 'इस्लामिक स्टेट' ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली है। समूह ने कहा कि उसने रूसी राजधानी मॉस्को के बाहरी इलाके क्रास्नोगोर्स्क शहर में ईसाइयों की एक बड़ी सभा पर हमला किया। हमले में सैकड़ों लोग मारे गए और घायल हो गए।
- एक अमेरिकी अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अमेरिका के पास इस्लामिक स्टेट के जिम्मेदारी के दावों की पुष्टि करने वाली खुफिया जानकारी है। अमेरिकी अधिकारी ने यह भी पुष्टि की कि अमेरिका ने संभावित हमले के बारे में रूस को खुफिया जानकारी प्रदान की थी।
क्या इस्लामिक स्टेट ने पहले भी रूस में हमले किए हैं?
रूस के हाल के कुछ सबसे बड़े आतंकी हमलों में इस्लामिक स्टेट (आईएस) का क्षेत्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस शामिल रहा है। मुख्य रूप से अफगानिस्तान में स्थित आईएस की शाखा ने 2021 में अमेरिका के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद से सक्रियता से रूस को निशाना बनाया है।
2015 में पाकिस्तान और उज्बेकिस्तान सहित आतंकवादी समूहों के सदस्यों द्वारा बनाया गया संगठन मध्य एशिया और रूस में सक्रिय है। समूह ने पिछले कुछ वर्षों में रूस के अस्थिर काकेशस और अन्य क्षेत्रों में कई हमलों का भी दावा किया है। इसमें रूस और पूर्व सोवियत संघ के अन्य हिस्सों से लड़ाकों की भर्ती भी की गई है। अक्तूबर 2015 में आईएस ने बम लगाकर मिस्र के सीनाई प्रायद्वीप के ऊपर एक रूसी यात्री विमान को गिरा दिया था। विमान में सवार लोगों में से अधिकांश रूसी नागरिक मिस्र से छुट्टियां मनाकर लौट रहे थे। इस हमले से विमान में सवार सभी 224 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद सेंट पीटर्सबर्ग मेट्रो में 2017 में हुए बम विस्फोट में भी (आईएसकेपी) शामिल रहा। इस हमले में 15 लोग मारे गए और 45 घायल हो गए थे।
आखिर इस्लामिक स्टेट रूस को निशाना क्यों बना रहा?
यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला का मानना है कि आईएस-केपी और उसके सहयोगियों ने अफगानिस्तान में एक सुरक्षित ठिकाना बनाए रखा है। वे देश के अंदर और बाहर भी अपने नेटवर्क को बना रहे हैं। कुरिल्ला के अनुसार, उनके निशाने यहीं नहीं रुकते। उन्होंने वैश्विक स्तर पर उन लोगों पर हमले किए हैं जो उनकी चरमपंथी विचारधारा से जुड़े नहीं हैं।
रूस की सुरक्षा सेवा एफएसबी ने 7 मार्च को ही मॉस्को के पास कलुगा क्षेत्र में एक संभावित हमले को रोका था। कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिकी दूतावास ने भी अमेरिकी नागरिकों को बड़ी सभाओं और विशेष रूप से संगीत समारोहों से बचने के लिए एक चेतावनी जारी की थी। अमेरिका का कहना है कि नवंबर 2023 से विशिष्ट खुफिया जानकारी थी कि आईएसआईएस-के रूस में हमले करना चाहता है। अमेरिकी खुफिया ने रूस को इसके बारे में चेतावनी दी थी।
आईएस द्वारा रूस को निशाना बनाए जाने में सीरियाई गृहयुद्ध की भूमिका सामने आती है। दरअसल, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने 2015 में हस्तक्षेप करके विपक्ष और इस्लामिक स्टेट के खिलाफ राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन किया था। ऐसा करके पुतिन ने सीरियाई गृहयुद्ध का रुख बदल दिया था। शोध संस्थान सौफान सेंटर से जुड़े कॉलिन क्लार्क का कहना है कि पिछले दो वर्षों से आईएस-केपी के निशाने पर रूस है। आतंकी संगठन अक्सर पुतिन की आलोचना करता रहता है।