अमेरिका व ब्रिटेन ने दुनियाभर में अपनी अल्प व मध्यम श्रेणी की मिसाइलें तैनात करने की योजना बनाई है। इसे लेकर रूस ने चिंता जताई है। उसका कहना है कि इससे दुनिया में तनाव घटने की बजाए और बढ़ सकता है।
रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखरोवा ने सोमवार को यह बात कही। बीते कुछ सप्ताहों में अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने मिसाइलें तैनात करने के अपने कार्यक्रम को लेकर कई बयान दिए हैं। ये मिसाइलें पूर्व में प्रतिबंधित की जा चुकी हैं। इन्हें इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस ट्रीटी (आईएनएफ) के तहत पूर्व में प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन यह संधि अब खत्म हो चुकी है।
रूसी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ब्रिटेन की सेना अति शत्रुतापूर्ण और बयानों और कार्यों में लिप्त हो गई। ऐसे सैन्य कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आईएनएफ संधि खत्म होने के बाद उत्पन्न समस्याओं के राजनीतिक व कूटनीतिक समाधान तलाशने के रास्ते संकीर्ण करेगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका के नए राष्ट्रपति प्रशासन व नाटो की इस बारे में कोई स्पष्ट नीति नहीं है।
हम बातचीत का रास्ता बंद नहीं करेंगे
जखरोवा ने यह भी कहा कि निश्चित रूप से हम बातचीत के रास्ते बंद नहीं करेंगे लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी कि रूस उभरते मिसाइल खतरों को देखते हुए अपने सैन्य व तकनीकी जवाब की तैयारी में भी पीछे नहीं रहेगा।