संयुक्त अरब अमीरात में एक निजी कंपनी में काम कर रहे 300 से अधिक अप्रवासी, ज्यादातर भारतीय लोगों को कई महीनों से अपना वेतन नहीं मिला है, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। श्रमिकों की दुर्दशा एक साल पहले शुरू हुई, जब उन्हें वेतन मिलने में देरी का अनुभव होने लगा।
खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वहां काम कर रहे कुछ लोगों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, जबकि कुछ अन्य लोगों को पांच या अधिक महीनों से वेतन नहीं मिला है। श्रमिकों को भोजन और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उनमें से कई श्रमिक भारत लौटना चाहते हैं, क्योंकि उनके वीजा की अवधि समाप्त हो गई है, लेकिन उनके नियोक्ता ने वीजा का नवीनीकृत करने से मना कर दिया है। यहां के भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा है कि उसके अधिकारियों ने कंपनी का दौरा कर संबंधित अधिकारियों से बात की है।
रतीय महावाणिज्य दूत विपुल ने कहा कि ‘नियोक्ता ने व्यापार में घाटा होने की बात करते हुए श्रमिकों को वेतन देने में असमर्थता व्यक्त की है। हालांकि, उन्होंने वादा किया है कि वह जल्द ही इस मुद्दे को हल करेंगे।
जल्द ही श्रमिकों को मिलेगा बकाया वेतन
भारतीय महावाणिज्य दूत विपुल ने बताया कि यूएई के नियोक्ताओं ने कुछ श्रमिकों को एक महीने का वेतन दे दिया हैं। नियोक्ताओं ने यह भी कहा है कि वह जल्द ही सभी श्रमिकों के बकाए को दे देगा। श्रमिकों को तत्काल राहत देने के लिए, अबू धाबी स्थित चैरिटी ने बुधवार को उनके आवास पर भोजन वितरित किया और एक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया।