स्वास्थ्य अच्छा हो इसके लिए बड़ों के साथ किशोरों को भी अच्छी और पर्याप्त नींद लेनी होगी। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित रोचेस्टर यूनिवर्सिटी में हुए शोध में इसका खुलासा हुआ है। शोध में पता चला है कि 18 साल की उम्र तक के किशोरों को भी पर्याप्त या अधिक नींद लेनी चाहिए। अभिभावकों को इस पर ध्यान देना होगा इस उम्र के युवाओं का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन 16 फीसदी अभिभावकों ने बच्चों के सोने को लेकर समय बनाया। वे बच्चे हर रात औसत से छह मिनट अधिक सोए जिसके चलते उनमें अधिक ऊर्जा दिखी। ऐसे बच्चों में तनाव और अवसाद की शिकायत भी कम रही।
वैज्ञानिकों ने 14 से 17 वर्ष की उम्र के 193 युवाओं पर अध्ययन किया जिसमें सात दिन तक अभिभावकों और बच्चों की निगरानी की गई। इसमें पता चला कि 74 फीसदी मामलों में अभिभावकों ने बच्चों के सोने का समय तय नहीं किया है। वहीं 48 फीसदी ने शाम के समय बच्चों द्वारा ली जाने वाली कैफीन की मात्रा पर भी कोई नियंत्रण नहीं किया।