भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को पाकिस्तान के साथ हाल के संघर्ष में लड़ाकू विमानों के नुकसान की बात स्वीकार की। लेकिन पाकिस्तान की तरफ से छह भारतीय विमानों को मार गिराने के दावे को 'बिल्कुल गलत' बताया है।
आगे की रणनीति पर क्या बोले सीडीएस चौहान
वहीं उन्होंने ब्लूमबर्ग टीवी को दिए साक्षात्कार में कहा कि यह ज्यादा जरूरी है कि हम यह समझें कि हमारे विमान क्यों गिरे, ताकि आगे की रणनीति बेहतर बनाई जा सके। जनरल चौहान ने कहा, 'मेरे लिए यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि विमान क्यों गिरे, न कि यह कि वे गिरे।' उन्होंने माना कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कुछ विमान जरूर गिरे, लेकिन भारत ने इससे सीख ली और दो दिन के अंदर सुधार कर फिर से अपनी रणनीति को लागू किया।
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'हमने अपनी गलतियों को पहचाना और सुधार किया'
उन्होंने बताया कि, 'हमने अपनी रणनीतिक गलतियों को पहचाना, उन्हें ठीक किया और दो दिन बाद फिर से एयर ऑपरेशन शुरू किया। इस बार हमने लंबी दूरी से लक्ष्य भेदे'। वहीं जब जनरल चौहान से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान ने भारत के छह लड़ाकू विमान मार गिराए, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, 'यह दावा बिल्कुल गलत है।'
एयर मार्शल ने भी स्वीकारी थी नुकसान की बात
इससे पहले, भारतीय वायुसेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ एयर ऑपरेशन्स एयर मार्शल एके भारती ने भी 11 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि 'लड़ाई में नुकसान होना सामान्य बात है, लेकिन हमारे सभी पायलट सुरक्षित घर लौटे।' उन्होंने यह भी साफ किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना ने पूरी ताकत से काम किया और दुश्मन को करारा जवाब दिया।
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क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा जिनमें एयर बेस, रडार साइट्स, और कमांड सेंटर शामिल हैं।