ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने हिजबुल्ला के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संगठन को इस्राइल के खिलाफ मजबूत चट्टान बताते हुए कहा कि मौजूदा हालात में जिहाद और प्रतिरोध के अलावा आगे बढ़ने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इस्राइल के खिलाफ हिजबुल्ला के लड़ाकों की खुलकर सराहना की है। उन्होंने हिजबुल्ला को आक्रामकता के खिलाफ मजबूत चट्टान बताते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ने लेबनानी लड़ाकों की रक्षा को अपनी रणनीतिक नीति का हिस्सा बनाया है।
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मोजतबा खामेनेई ने हिजबुल्ला को लेकर क्या कहा?
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने कहा कि हिजबुल्ला की मजबूती दुनिया भर के उन देशों के लिए हौसले का संदेश बन गई है, जो दमन और वैश्विक अहंकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
शेख नईम कासिम को लिखे जवाब में क्या कहा गया?
सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में खामेनेई ने हिजबुल्ला के महासचिव शेख नईम कासिम और संगठन के लड़ाकों की ओर से भेजे गए वफादारी पत्र का जवाब दिया। उन्होंने उनके धैर्य, बड़प्पन और त्याग की सराहना करते हुए हिजबुल्ला को इस्राइल के खिलाफ प्रतिरोध में सबसे आगे रहने वाली अडिग चट्टान बताया।
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'जिहाद और प्रतिरोध' को लेकर खामेनेई का क्या बयान रहा?
खामेनेई ने कहा कि आज जब दुनिया के कई देश अमेरिकी सरकार और अपराधी जायोनी ताकतों के अत्याचार और दमन से परेशान हैं, तब जिहाद और प्रतिरोध के अलावा आगे बढ़ने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि लेबनान का हिजबुल्ला जिहादी समूहों का नेतृत्व करते हुए इस्राइल और उसके समर्थकों के हिंसक हमलों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। उनके अनुसार, यह दृढ़ता दुनिया के आजाद देशों के लिए प्रेरणा का संदेश बन गई है।
ईरान ने अपनी रणनीतिक नीति को लेकर क्या कहा?
मोजतबा खामेनेई ने कहा कि इन लड़ाकों की रक्षा करना ईरान की रणनीतिक नीति है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने से जुड़े किसी भी समझौते के लिए लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखना और इस्राइली "आक्रामकता" को पूरी तरह तथा बिना शर्त समाप्त करना पहली शर्त होनी चाहिए।
हिजबुल्ला के विकास को लेकर क्या टिप्पणी की गई?
खामेनेई ने दक्षिणी लेबनान के लोगों के धैर्य और समर्थन की सराहना की। उन्होंने हिजबुल्ला के दिवंगत नेता सैयद हसन नसरल्लाह और अन्य कमांडरों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि लड़ाकों ने हिजबुल्ला को एक "छोटे पौधे" से "बड़े पेड़" में बदल दिया और पूरे इस्लामी जगत में लेबनान का सम्मान बढ़ाया।