ममदानी के विरोध के बीच भागवत के कार्यक्रम को लेकर नया विवाद
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अमेरिका के न्यूयॉर्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद और बढ़ गया है। कार्यक्रम के आयोजक अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (एहेड) का सोशल मीडिया मंच एक्स अकाउंट निलंबित कर दिया गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी कार्यक्रम और आरएसएस के प्रति अपना विरोध जता चुके हैं। वहीं, अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने भी भागवत का वीजा रद्द करने की मांग की है।
एक्स अकाउंट अचानक क्यों निलंबित हुआ?
एक्स पर एहेड का अकाउंट अब उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं है। संगठन ने कहा है कि यह निलंबन गलती से हुआ हो सकता है। संगठन के अनुसार, उसके संचार में शांति, एकता, सद्भाव और अलग-अलग धर्मों व संस्कृतियों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया गया है और उसने एक्स की नीतियों का पालन किया है।
न्यूयॉर्क में भागवत का कार्यक्रम कब?
मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन स्थित इंफोसिस थिएटर में ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में मुख्य वक्ता होंगे। भागवत इस समय अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की तीन देशों की यात्रा पर हैं। इसी कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क में राजनीतिक विवाद भी सामने आया है।
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ममदानी ने कार्यक्रम को लेकर क्या कहा?
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा है कि वह आरएसएस या प्रस्तावित कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। ममदानी ने आरएसएस की विचारधारा का भी विरोध किया और इसे देश की समावेशी सोच के लिए चिंताजनक बताया। उनके बयान पर भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
भागवत के वीजा पर अमेरिका में क्या मांग उठी?
अमेरिकी कांग्रेस द्वारा गठित धार्मिक स्वतंत्रता संबंधी सलाहकार संस्था यूएससीआईआरएफ ने ट्रंप प्रशासन से मोहन भागवत का वीजा रद्द करने की मांग की है। संस्था ने आरएसएस से जुड़े संगठनों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक हमलों का आरोप लगाया है। भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए यूएससीआईआरएफ को पक्षपाती और विश्वसनीयता से रहित संगठन बताया है।
भारत ने अमेरिकी संस्था के आरोपों पर क्या जवाब दिया?
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि यूएससीआईआरएफ का अपना एजेंडा है और भारत उसके दावों को विश्वसनीय नहीं मानता। उन्होंने कहा कि भारत की बहुलतावादी व्यवस्था और विभिन्न समुदायों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की वास्तविकता को ऐसी संस्था स्वीकार नहीं करती। इस बीच, भागवत के कार्यक्रम के आयोजकों का एक्स अकाउंट निलंबित होने से विवाद को एक नया मोड़ मिल गया है।