मित्सुबिशी मोटर्स कॉरपोरेशन ने सोमवार को बोर्ड मीटिंग के दौरान कार्लोस घोसन को चेयरमैनशिप से हटा दिया है। मित्सुबिशी ने कार्लोस को उनकी सहयोगी कंपनी निसान में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और गिरफ्तारी के बाद हटाया है। बता दें कि पिछले सप्ताह 20 नवंबर को कार्लोस घोसन को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
जापानी कंपनी ने घोसन को उन पर भ्रष्टाचार लगे आरोपों के ठीक दो साल बाद बाहर निकाला है। मित्सुबिशी ने अस्थाई चेयरमैन ओसामु मासुको को बनाया है। निसान-रेनॉ-मित्सुबिशी का गठजोड़ बनाने वाले घोसन की सोमवार को हुई गिरफ्तारी से वैश्विक कार उद्योग और जापान का कारपोरेट जगत सकते में आ गया था।
जापानी कंपनी निसान के अध्यक्ष कार्लोस घोसन पर अपनी कंपनी पर गंभीर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार किया गया था। घोसन पर भ्रष्टाचार के आरोप के बाद से ही उन्हें निसान के साथ-साथ मित्सुबिशी और रेनॉ से भी बाहर किए जाने की बात की जा रही थी जिसे सोमवार को हरी झंडी मिल गई और आखिरकार उन्हें कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। पब्लिक ब्रॉडकास्टर एनएचके ने बताया कि घोसन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया कर दिया है। निसान का मित्सुबिशी में 34 फीसदी हिस्सा है। वहीं उसके दो एक्सक्यूटिव सदस्य भी इसकी बोर्ड के सदस्य हैं।
कार्लोस ने दिवालिया होने से बचाया था निसान को
कार्लोस पर भले ही भ्रष्टाचार और वित्तीय घोटालों के आरोप लगें लेकिन वह कार्लोस ही हैं जिन्होंने एक समय में निसान को दिवालिया होने से बचाया था। कार्लोस पर आरोप हैं कि उन्होंने कई वर्षों तक अपनी वास्तविक आय कम बताई। यही नहीं उन्होंने कंपनी के पैसों का निजी इस्तेमाल भी किया।
व्हिसल ब्लोअर की शिकायत पर कार्लोस के खिलाफ जांच शुरू हुई थी। गिरफ्तार किए जाने के बाद अब कहा जा रहा है कि उन्हें चेयरमैन के पद से हटाया जाएगा यही नहीं इस मामले में कंपनी के एक निदेशक ग्रेग कैली पर भी ऐसे ही आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें भी जल्द ही कंपनी से बाहर किया जाएगा।
कब जुड़े निसान से
ब्राजील के पैदा हुए कार्लो ने फ्रांस में मिशेलिन में अपना करियर शुरू किया जिसके बाद उन्होने रेनॉ का रुख किया। इसके बाद सन् 1999 में रेनॉल्ट में हिस्सेदारी खरीदी और निसान का दामन थाम लिया। सन् 2001 में उन्हे निसान के सीईओ का पद हासिल हुआ। जिस पर वह पिछले साल तक विराजमान रहे। कार्लोस ने निसान को दिवालिया होने से बचाने के लिए कई अहम कदम उठाए थे।
पहले से बदलना चाहते थे करियर
निसान को नई ऊचांइयों पर ले जाने वाले कार्लो घोसन पहले से ही अपने कैरियर को लेकर बदलाव की तैयारी में जुटे हुए थे। कंपनी बदलने की सोच के दौरान उन्होंने कहा था कि वह इंडिविजुअल कंपनियों में अपनी सक्रियता घटाएंगे और बतौर अलायंस प्रमुख अपनी भूमिका को आगे जारी रखेंगे।