व्हाइट हाउस ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को घोषणा की कि चीन पर बुधवार से 104 फीसदी टैरिफ लागू होंगे। इसे टैरिफ युद्ध की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह कदम बाजारों को हिलाकर रख देने वाला साबित हो सकता है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने एक मीडिया ब्रिफिंग के दौरान जोर देकर कहा कि चीन का अमेरिका पर पलटवार करना एक गलती थी। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका को चुनौती दी जाती है, तो उसकी प्रतिक्रिया मजबूत होती है।
लीविट ने कहा, चीन का पलटवार करना एक गलती थी। जब अमेरिका को घूंसा मारा जाता है, तो वह और भी जोर से पलटवार करता है। इसी वजह से आज रात (स्थानीय समयानुसार) से चीन पर 104 फीसदी टैरिफ लागू होंगे। अगर चीन समझौता करने के लिए संपर्क करता है, तो अमेरिका बहुत उदार होगा।
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उन्होंने आगे कहा, यह नए टैरिफ ट्रंप प्रशासन के उन प्रयासों का हिस्सा हैं, जो उन व्यापार प्रथाओं को सुधारने के लिए हैं, जिन्हें वह अनुचित मानते हैं और जिनकी वजह से अमेरिका के कामकाजी वर्ग को नौकरी के नुकसान और आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ा है। उन्होंने चीन की व्यापार नीतियो की आलोचना करते हुए कहा कि चीन ने अमेरिका के कामकाजी वर्ग के लिए आर्थिक समस्याएं बढ़ा रहा है।
प्रेस सचिव ने आगे कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बहुत स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के आर्थिक आत्मसमर्पण का युग का खत्म हो चुका है। राष्ट्रपति ट्रंप अब अमेरिकी कामकाजी वर्ग और कंपनियों को उन मूर्खतापूर्ण व्यापार प्रथाओं के हाथों धोखा नहीं खाने देंगे, जो लाखों उच्च वेतन वाली नौकरियां छीन ले जाती हैं और देश के समुदायों को खाली कर देती हैं।
उन्होंने कहा, चीन सहित जिन देशों ने पलटवार करने का फैसला लिया है और अमेरिका के कामकाजी वर्ग के साथ अपने बुरे व्यवहार को आगे बढ़ाने की कोशिश की है, वे गलती कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की रीढ़ लोहे की तरह मजबूत है। वह टूटेंगे नहीं। उनके नेतृत्व में अमेरिका नहीं टूटेगा। लीविट ने कहा, ट्रंप ने टैरिफ की अवधि बढ़ाने या उन्हें टालने पर कोई विचार नहीं किया है, लेकिन वह फोन उठाककर किसी से भी बात करने के लिए तैयार हैं।
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पनामा नहर को चीन से लगातार खतरा: अमेरिकी रक्षा मंत्री
उधर, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मंगलवार को कहा कि पनामा नहर को चीन से लगातार चीन से खतरा है, लेकिन अमेरिक और पनामा मिलकर इसे सुरक्षित बनाएंगे। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो के साथ बैठक के बाद नौसेना के नुनेज डी बालबोओ बेस पर एक अमेरिकी वित्त पोषित डॉक का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका और पनामा नहर के संचालन को खतरे में डालने वाले किसी भी देश को इसकी सुरक्षा से समझौता नहीं करने देंगे।