पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रविवार को हुई एक बड़ी रेल दुर्घटना की जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना फिशप्लेट के गायब होने और क्षतिग्रस्त ट्रैक के कारण हुई थी। बता दें, दो रेलों को जोड़ने वाली प्लेट को फिशप्लेट कहते हैं।
यह है मामला
गौरतलब है, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हजारा एक्सप्रेस ट्रेन के कई डिब्बे रविवार को पटरी से उतर गए थे। हादसे में करीब 31 लोगों की मौत और 120 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ट्रेन कराची से रावलपिंडी जा रही थी। ट्रेन नवाबशाह जिले में सरहरी रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतर गई। सरहरी कराची से 275 की दूरी पर है।
हादसे की पीछे यह कारण
पाकिस्तान रेलवे की छह सदस्यीय जांच टीम ने सोमवार को रिपोर्ट जारी की। इसमें कहा गया है कि सभी पहलुओं से जांच करने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि दुर्घटना क्षतिग्रस्त ट्रैक होने और फिशप्लेट गायब होने के कारण हुई। इसके साथ ही टीम ने ट्रेन के इंजन का फिसलना भी हादसे का एक अन्य कारण बताया।
बिना जांच किए ही भेजा इंजन
रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रेन का इंजन वरिष्ठ अधिकारियों के जांच के बिना ही साइट से चला गया था। इसके अलावा, दुर्घटनास्थल से परे लोहे की फिशप्लेट और लकड़ी के टर्मिनल पर छोटे हिटिंग स्पॉट पाए गए। रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर दुर्घटना के लिए इंजीनियरिंग और मैकेनिकल शाखा को जिम्मेदार ठहराया गया है।
टीम के दो सदस्यों ने जताई असहमति
हालांकि, जांच की टीम के दो सदस्यों ने रिपोर्ट से असहमति जताई है। एक अधिकारी ने कहा कि मैं रिपोर्ट से सहमत नहीं हूं। मेरी समझ से दो फिशप्लेट गायब होने और ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने से हादस हुआ है। इसके अलावा यह भी कारण हो सकता है कि गेज फैलने से इंजन पटरी से उतर गया। उन्होंने कहा कि ऐसा हुआ है तभी पहिये की डिस्क के बाहर भी खरोंच के निशान दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा, ट्रैक, फिशप्लेट और बोल्ट पर कोई निशान नहीं मिले।
दूसरे अधिकारी ने कहा कि पटरी से उतरने का वास्तविक कारण इंजन एक्सल जाम होना है। इसकी वजह से ही फिशप्लेटों पर निशान रह गए। उन्होंने कहा कि लगातार जाम लगने से यह गहराई बढ़ती गई, जिसके परिणामस्वरूप गायब फिशप्लेट्स के फिश बोल्ट टूट गए।
अंतिम रिपोर्ट आने में समय
हालांकि, कहा गया है कि यह प्रारंभिक जांच रिपोर्ट है। अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में कुछ समय लगेगा। रिपोर्ट में कहा गया कि एक विस्तृत जांच चल रही है क्योंकि संघीय सरकार के रेलवे इंस्पेक्टर इस हादसे के पीछे के कारण का पता लगाने के लिए मौके पर मौजूद हैं।
दो शव अभी अस्पताल में
वहीं, नवाबशाह के गृह जिले बेनजीराबाद में पीपुल्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रशासन ने बताया कि 120 से अधिक घायलों को अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था और उनमें से अधिकांश को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 30 लोगों का वर्तमान में इलाज चल रहा है। इसके अलावा 29 शवों को उनके परिवार को सौंप दिया गया है। वहीं, दो मृत महिलाओं के शव, जिनकी पहचान नहीं की जा सकी अभी भी अस्पताल में हैं।