गर्भवती महिला की प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई तस्वीर
विज्ञान की दुनिया में एक ऐसा चमत्कार हुआ है, जिसमें गर्भाश्य के बाहर पले बच्चे को मां ने सुरक्षित जन्म दिया है। चिकित्सकों का कहना है कि यह एक ऐसा दुर्लभ मामला है, जो 30,000 गर्भाधारणों में से एक ही सफल रहता है। कैलिफोर्निया के बेकर्सफील्ड की रहने वाली 41 वर्षीय सुजे लोपेज ने अगस्त में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। मेडिकल भाषा में इसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहा जाता है, जो आमतौर पर जानलेवा मानी जाती है।
डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसी गर्भावस्था का पूरी अवधि तक पहुंचना बेहद दुर्लभ है। लॉस एंजेलिस के सीडर्स-सिनाई अस्पताल के डॉक्टर जॉन ओज़िमेक ने इसे लगभग कभी न होने वाला मामला बताया। उनके अनुसार, गर्भाशय के बाहर पलने वाला भ्रूण अगर पूर्ण अवधि तक पहुंच जाए, तो इसकी संभावना दस लाख में भी एक से कम होती है। बतौर नर्स के रूप में काम करने वाली लोपेज को अपनी इस तरह की गर्भावस्था का पता प्रसव से कुछ दिन पहले ही चला।
दरअसल, वह वर्षों से ओवेरियन सिस्ट की समस्या से जूझ रही थीं। 20 की उम्र में उनका एक ओवरी पहले ही निकाला जा चुका था। डॉक्टर लंबे समय से उनके पेट में मौजूद करीब 22 पाउंड वजनी सिस्ट की निगरानी कर रहे थे। जब पेट में दर्द और दबाव बढ़ा, तो वह सिस्ट निकलवाने के लिए अस्पताल पहुंचीं। नियमित जांच के दौरान प्रेग्नेंसी टेस्ट किया गया, जो पॉजिटिव आया। उन्होंने बताया कि 17 साल तक दूसरे बच्चे की उम्मीद करने के बाद यह खबर उनके लिए अविश्वसनीय थी।
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पेट में तेज दर्द और ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत के बाद हुई जांच
सुजे के मुताबिक, उन्हें कई दिनों से पेट में दर्द थे। लेकिन बाद में दर्द के ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जांच में सामने आया कि गर्भाशय खाली है, जबकि भ्रूण पेट के भीतर छिपा हुआ है। इसके बाद डॉक्टरों की 30 सदस्यीय टीम ने सर्जरी कर 18 अगस्त को बच्चे रियू को सुरक्षित बाहर निकाला। इसी सर्जरी में विशाल ओवेरियन सिस्ट भी हटा दिया गया।
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