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Mir Yar Baloch Exclusive: बलूच नेता बोले-अपनी हकीकत पर हम खुद बनाएंगे फिल्म, धुरंधर में नहीं दिखी हमारी सच्चाई

सार

Balochistan News Today: पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत बलूचिस्तान इन दिनों सुर्खियों में हैं। यहां आम लोग डर के साए में जीते हैं। बलूचिस्तान की समस्या दशकों पुरानी है। फिर भी इसका पूरा सच कभी दुनिया के सामने नहीं आ पाता। इस बारे में बलूचिस्तान के एक शीर्ष नेता अलग राय रखते हैं। जानिए...
 
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मीर यार बलूच नेता एक्सक्लूसिव इंटरव्यू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बलूचिस्तान इन दिनों अलग-अलग वजहों से सुर्खियों में हैं। पहली वजह है पिछले दिनों पाकिस्तान के अंदर क्वेटा, ग्वादर, मस्तंग और नोशकी में हुए हमले। इन हमलों की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली। दूसरी वजह है पाकिस्तान की सेना की जवाबी कार्रवाई, जिसमें 177 बलूच विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया गया है। तीसरी वजह है पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का कबूलनामा, जिसमें उन्होंने कहा है कि बलूच लड़कों के सामने पाक सेना कमजोर और बेबस है क्योंकि बलूच लड़ाके सेना से ज्यादा ताकतवर हैं। चौथी वजह है हाल ही में आई एक फिल्म 'धुरंधर', जिसमें बलूचिस्तान की पृष्ठभूमि दिखाई गई है। इस फिल्म के दूसरे पार्ट का टीजर भी हाल ही में जारी हुआ है। इन सब वजहों के बीच बड़ा सवाल यह है कि बलूचिस्तान में जो कुछ हो रहा है, क्या उसकी हकीकत दुनिया के सामने जस की तस मौजूद है। इसका जवाब दे रहे हैं बलूचिस्तान के शीर्ष नेता मीर यार बलूच।
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'हम अपनी फिल्म बनाएंगे'
अमर उजाला डिजिटल को दिए एक्सक्लूसिव बयान में मीर यार कहते हैं कि बलूचिस्तान केवल संघर्ष की भूमि नहीं, बल्कि अन्याय की कहानी है, जिसे बार-बार नजरअंदाज किया गया है। फिल्म 'धुरंधर' बलूचिस्तान के इतिहास, आजादी के संघर्ष और बलोच संस्कृति को सही तरीके से नहीं दिखा पाई। मीर यार बलूच ने बड़ा एलान करते हुए बताया कि बलूचिस्तान की हकीकत पर हम अपनी एक अलग फिल्म बनाएंगे, जो बलूच लोगों के इतिहास, उनकी संस्कृति और आजादी के लिए उनके संघर्ष को बयां करेगी।



बलूचिस्तान के बारे में 
बलूचिस्तान का इतिहास हजारों साल पुराना है। यहां मेहरगढ़ जैसी सभ्यताएं थीं, जो 7000 ईसा पूर्व की मानी जाती हैं। वहीं, आधुनिक इतिहास में ब्रिटिश काल में यह इलाका रणनीतिक कारणों से अंग्रेजों के नियंत्रण में रहा। 1947 में पाकिस्तान में शामिल होने के बाद यहां विरोध शुरू हुआ। अब तक यहां पांच बड़े विद्रोह हो चुके हैं। 1948,1958-59, 1962-63,1973-77 के बाद 2004 से अब तक यह विद्रोह जारी है। इन सभी विद्रोह में बलूच लड़ाकों की हर बार मांगें वही रहीं- स्वायत्तता, संसाधनों पर हक और सम्मान।
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कौन हैं मीर यार बलूच?
मीर यार बलूच बलूचिस्तान के एक प्रमुख राष्ट्रवादी नेता, मानवाधिकार कार्यकर्ता और लेखक हैं। वे 'आजाद बलूचिस्तान आंदोलन' के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और प्रतिनिधि हैं। वे बलूचिस्तान की आजादी के संघर्ष से जुड़े प्रमुख चेहरों में से एक हैं। मई 2025 में मीर यार बलूच ने बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के प्रवक्ता के रूप में पाकिस्तान से बलूचिस्तान की औपचारिक स्वतंत्रता की घोषणा कर दी थी। न्यूज मीडिया या डिजिटल मीडिया पर उनकी कोई तस्वीर उपलब्ध नहीं है। एक वायरल तस्वीर पर उन्होंने खुद कहा था कि तस्वीर में नजर आ रहे शख्स वे नहीं हैं क्योंकि सुरक्षा कारणों से वे अपनी तस्वीरें नहीं खिंचवाते।
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