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भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंध और बेहतर बनाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पियो

Tue, 11 Jun 2019 04:43 PM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (फाइल फोटो)
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है कि नई दिल्ली की उनकी आगामी यात्रा के दौरान उनका ध्यान भारत के साथ अमेरिका के बेहद महत्वपूर्ण संबंधों को गति देने पर रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘मुक्त और खुले’ हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा लक्ष्य की रणनीति में भारत की अहम भूमिका है। इस क्षेत्र में चीन अपना वर्चस्व बढ़ाना चाहता है। 

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विदेश विभाग की प्रवक्ता मोर्गन ओर्टागस ने सोमवार को कहा कि पोम्पिओ 24 जून को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पोम्पिओ 24 जून से हिंद-प्रशांत क्षेत्र की करीब सप्ताह भर की यात्रा के दौरान सबसे पहले नई दिल्ली और सबसे अंत में दक्षिण कोरिया जाएंगे। इस दौरान वह श्रीलंका और जापान की यात्रा भी करेंगे। यात्रा शुरू करने से पहले वह 12 जून को ‘इंडिया आइडियाज समिट ऑफ अमेरिका-इंडिया बिजनेस काउंसिल’ को संबोधित करेंगे।

ओर्टागस ने संवाददाताओं को बताया कि पोम्पिओ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 24 जून से 30 जून तक यात्रा करेंगे। इस यात्रा का मकसद मुक्त हिंद प्रशांत के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रमुख देशों के साथ अमेरिका के संबंध गहरे करना है।
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उन्होंने कहा, ‘विदेश मंत्री का पहला पड़ाव भारत की राजधानी नई दिल्ली होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव में हाल में मिली जीत से उन्हें एक अच्छा अवसर मिला है कि वह भारत संबंधी अपनी मजबूत एवं समृद्ध योजना को लागू कर सकें। भारत वैश्विक मंच पर अहम भूमिका निभाता है।’ 

वहीं, पोम्पिओ ने भारत और अमेरिका के संबंधों को बहुत अहम बताते हुए सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के फॉगी बॉटम मुख्यालय में कहा, ‘यात्रा की तैयारी करने के लिए मैं प्रमुख भारतीय कारोबारियों के समूह से बातचीत करूंगा। मेरी यात्रा दो सप्ताह में शुरू होगी और इस दौरान मैं भारत जाऊंगा। यह राष्ट्रपति ट्रंप की हिंद प्रशांत में रणनीति का अहम हिस्सा है।’ 

बता दें कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन द्वारा सैन्य ताकत बढ़ाने के बीच भारत, अमेरिका और दुनिया की अन्य ताकतें मुक्त और खुले भारत-प्रशांत क्षेत्र की बात करती हैं । हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन अपनी सैन्य मौजूदगी का विस्तार करने के प्रयास कर रहा है। चीन तकरीबन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। वियतनाम, फिलीपीन, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी अपना दावा जताते हैं।

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