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भारत-चीन गतिरोध पर बोले माइक पोम्पियो- उन्हें सहयोगी के तौर पर अमेरिका की जरूरत

Sat, 10 Oct 2020 09:44 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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अमेरिकी रक्षा मंत्री माइक पोम्पियो (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शुक्रवार को भारत के साथ करीबी संबंध बनाए रखने का आग्रह किया और चीन को चेतावनी दी। पोम्पियो ने टोक्यो में इस हफ्ते की शुरुआत में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्षों के साथ हुई बैठक के बाद कहा, ‘उन्हें इस लड़ाई में संयुक्त राज्य अमेरिका को अपना सहयोगी और साझेदार बनाने की आवश्यकता है।’

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पोम्पियो ने रेडियो होस्ट लैरी ओ कोन्नोर से कहा, ‘चीन ने अब उत्तर में भारत के खिलाफ बड़ी ताकतों को एकजुट करना शुरू कर दिया है। दुनिया जाग गई है। ज्वार शुरू हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक ऐसा गठबंधन बनाया है जो खतरे के खिलाफ खड़ा रहेगा।’


टोक्यो में हुई बैठक के बाद पोम्पियो अपने भारतीय समकक्ष के साथ वार्षिक वार्ता के लिए रक्षा मंत्री मार्क एस्पर के साथ जल्द ही नई दिल्ली आएंगे। विदेश विभाग के स्टीफन बेजगन बैठक की तैयारी के लिए अगले सप्ताह भारत की यात्रा पर आएंगे। दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र के बीच वार्षिक वार्ता ऐसे समय पर होगी जब वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच गतिरोध जारी है।
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भारत और चीन के बीच मई की शुरुआत से सीमा विवाद चल रहा है। हालांकि रिश्तों में कड़वाहट उस समय आ गई जब जून में दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। चीन ने भी नुकसान होने की बात मानी लेकिन सैनिकों की संख्या बताने से मना कर दिया।

इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर नई दिल्ली ने वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक सहित दर्जनों चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन को लेकर व्यापक चिंताओं के बावजूद, भारत ने रणनीतिक स्वायत्तता के सिद्धांत के तहत बाहरी शक्तियों को औपचारिक गठजोड़ से दूर रखा है।
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चीन और भारत में जारी तनाव के बीच अमेरिका में भारत के राजदूत, तरणजीत सिंह संधू ने जोर देकर कहा कि एशियाई शक्तियों के ऐतिहासिक संबंध थे और दोनों एक-दूसरे के विद्वानों का स्वागत करते थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत के संबंध तेजी से बढ़ रहे हैं और इस संबंध का चीन के मुकाबले व्यापक दृष्टिकोण है।

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