अमेरिका के चार राज्यों ने मेटा पर आरोप लगाया है कि कंपनी ने फेसबुक और इंस्टाग्राम को इस तरह विकसित किया जिससे युवाओं में इन प्लेटफॉर्म की निर्भरता बढ़ी और सुरक्षा संबंधी जानकारी को लेकर लोगों को गुमराह किया गया। इसी आधार पर कंपनी पर भारी आर्थिक दंड लगाने की मांग की गई है। मेटा ने इन आरोपों और प्रस्तावित जुर्माने को निराधार बताया है।
अमेरिका के चार प्रांत कंपनी पर 1.4 खरब डॉलर का जुर्माना लगाने की मांग कर रहे हैं। कंपनी पर आरोप है कि उसने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म को इस तरह से डिजाइन किया है कि युवा यूजर्स इसकी लत लगा बैठें और उनकी सुरक्षा के बारे में जनता को गुमराह किया। मेटा प्लेटफॉर्म्स ने अदालत में यह आंकड़ा अटॉर्नी जनरल की उन फाइलिंग के जवाब में पेश किया, जिनमें कह था कि यदि राज्य ट्रायल जीतते हैं तो जुर्माने की गणना कैसे होनी चाहिए। इस आंकड़े का खुलासा पहले कभी नहीं हुआ।
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यह मेटा के 1.5 खरब डॉलर की बाजार पूंजी के करीब है। ये दावे कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यूजर्सी में हुए हैं। मेटा ने कहा, यह रकम सबूतों पर आधारित नहीं है। उपभोक्ता संरक्षण के इतिहास में ऐसे दण्ड का कोई उदाहरण नहीं है। फाइलिंग के बाद अटॉर्नी जनरल के प्रतिनिधियों ने कोई टिप्पणी नहीं की। राज्यों ने कहा कि उल्लंघनों की संख्या मेटा की गतिविधियों से प्रभावित किशोरों और युवा यूजर्स की अनुमानित संख्या पर आधारित है।
चौदह और राज्यों में दावे
मेटा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्लेटफॉर्म के लत की बात सही नहीं लगती। 14 और राज्यों ने अपने कानूनों के तहत दावे किए हैं, जिनकी सुनवाई फरवरी में अलग ट्रायल में होगी।
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अगस्त में होगी सुनवाई
29 राज्यों ने संघीय अदालत में मेटा पर मुकदमा किया है। इनमेंआरोप है कि कंपनी ने माता-पिता की उचित सहमति के बिना बच्चों से डाटा जुटाकर संघीय बाल लाइब्रेरी ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन किया है। अगस्त में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज यवोन गोंजालेज रोजर्स के सामने होने वाले ट्रायल में उस कानून के तहत लाए गए सभी दावों पर सुनवाई होगी, साथ ही उन चार राज्यों के आरोपों पर भी सुनवाई होगी।