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वैश्विक भारतीय प्रवासियों की मांग: हरिद्वार में हुई धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने वालों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए

Sun, 09 Jan 2022 08:38 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

पिछले साल दिसंबर में हरिद्वार में हुई विवादित धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग अब वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय ने भी उठाई है।
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यति नरसिंहानंद - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बीते दिनों हरिद्वार में हुई धर्म संसद के दौरान दिए गए आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषणों का विरोध तेज हुआ है। इसे लेकर कई देशों के नागरिकों और वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने आवाज उठाई है और मांग की है कि इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इस धर्म संसद के दौरान कथित तौर पर मुसलमानों के खिलाफ अपमानजनक व भड़काने वाले भाषण दिए गए थे। 

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29 संगठनों के एक समूह की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स, जर्मनी, स्कॉटलैंड, फिनलैंड और न्यूजीलैंड के प्रवासी समूहों ने ट्विटर पर पिछले महीने हरिद्वार में हुई धर्म संसद के दौरान दिए गए भड़काने वाले भाषणों की आलोचना की है। बयान जारी करने वाले ये संगठन हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

गिरफ्तार करने में नाकाम रहने पर सरकार की भी आलोचना की
इसके साथ ही इन नफरत फैलाने वाले भाषणों के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने में असफल रहने के लिए बयान में सरकार की आलोचना भी की गई है। बयान में आगे कहा गया है कि वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय ने एक मत से यति नरसिंहानंद और धर्म संसद के वक्ताओं को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। बता दें कि हरिद्वार में इस धर्म संसद का आयोजन 17 से 20 दिसंबर के बीच किया गया था।
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इस बयान पर दस्तखत करने वाले संगठनों में हिंदू फॉर ह्यूमन राइट्स (वैश्विक), इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ इंडियन मुस्लिम (वैश्विक), इंडिया अलायंस (यूरोप), स्टिटिंग लंदन स्टोरी (यूरोप), दलित सॉलिडेरिटी फोरम (अमेरिका), फेडरेशन ऑफ इंडियन अमेरिकन क्रिश्चियन ऑर्गेनाइजेशन्स (अमेरिका), इंडियन अमेरिकन मुस्लमिल काउंसिल (अमेरिका), इंडियन सॉलिडेरिटी जर्मनी और ह्यूमनिज्म प्रोजेक्ट आदि शामिल हैं।

जूना अखाड़े के यति नरसिंहानंद ने आयोजित कराई थी धर्म संसद
इस धर्म संसद का आयोजन जूना अखाड़ा के यति नरसिंहानंद ने करवाया था। मुसलमानों के खिलाफ नफरती भाषण देने और हिंसा भड़काने के लिए वह पहले से ही पुलिस के रडार पर हैं। कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने कथित तौर पर नफरक फैलाने वाले बयान दिए थे और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की हत्या करने की बात कही थी। इन भाषणों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ था।

बता दें कि इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें यति नरसिंहानंद के अलावा जितेंद्र नारायण त्यागी का नाम भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में इस्लाम धर्म त्याग कर हिंदू धर्म स्वीकार किया था। नरसिंहानंद गाजियाबाद के डासना मंदिर में मुख्य पुजारी हैं। मामले की जांच के लिए एक पांच सदस्यी विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है और फिलहाल इसकी जांच की जा रही है।

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