मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगूलाम 9 से 16 सितंबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और निवेश जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मज़बूत करने के तरीकों पर चर्चा होगी।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम 9 सितंबर से भारत की आठ दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और निवेश जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मज़बूत करने के तरीकों पर चर्चा होगी।
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विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री रामगुलाम इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यापक मुद्दों पर बातचीत करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच "उन्नत रणनीतिक साझेदारी" को और आगे बढ़ाया जा सके। मंत्रालय ने कहा, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगूलाम 9 से 16 सितंबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे।
रामगुलाम मुंबई, वाराणसी, अयोध्या और तिरुपति भी जाएंगे। उनका राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम है। यह रामगुलाम की मौजूदा कार्यकाल में पहली विदेश द्विपक्षीय भारत यात्रा होगी। अपने प्रवास के दौरान वह नई दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, अयोध्या और तिरुपति जाएंगे। प्रधानमंत्री रामगुलाम इससे पहले 2014 में पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने भारत आए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा रामगुलाम मुंबई में एक व्यावसायिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि रामगुलाम की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी संबंध और मजबूत होंगे।
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हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसी के रूप में मॉरीशस भारत के निर्णय 'महासागर' (क्षेत्र भर में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) और पड़ोसी पहले नीति में एक विशेष स्थान रखता है और वैश्विक दक्षिण में एक प्रमुख भागीदार है। मॉरीशस में भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में हैं।
इस वर्ष मार्च में पीएम मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर मॉरीशस गए थे, जहां उन्होंने मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लिया और पीएम रामगुलाम एवं राष्ट्रपति धरम गोकुल से मुलाकात की थी। भारत और मॉरीशस के बीच संबंध साझा इतिहास, जनसांख्यिकी और संस्कृति पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच स्वतंत्र भारत के शुरुआती वर्षों से ही गहरे और भरोसेमंद रिश्ते कायम रहे हैं।