मंगल का वायुमंडल काफी कमजोर है, लेकिन फिर भी कई मिशनों से वैज्ञानिकों को इस ग्रह पर जिंदगी की उम्मीद जगी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती के कुछ ऐसे बैक्टीरिया यहां जिंदा रह सकते हैं। ऐसे कुछ बैक्टीरिया की लिस्ट बनाने की कोशिश हो रही है, जो मंगल के बेहद ठंडे माहौल और जानलेवा विकिरण में भी बच जाएं।
मार्स 2020 रोवर मिशन जुलाई में
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा जुलाई 2020 में मार्स रोवर मिशन को मंगल पर भेजने की तैयारी में है। इसके मुताबिक एक टन वजनी यह रोवर लाल ग्रह पर एक छोटी प्रयोगशाला के रूप में काम करेगा। यह वहां की मिट्टी और चट्टानों के नमूनों से जीवन से जुड़ी जानकारी हासिल करने का काम करेगा। इस रोवर को भेजने का मुख्य मकसद मंगल पर जीवन के साक्ष्यों का पता लगाना है।