अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी देश को चीन से संबंध तोड़ने के लिए मजबूर नहीं करेगा। ट्रंप प्रशासन की नई विदेश नीति में राष्ट्रीय हित और व्यावहारिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी गई है।
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह अपने सहयोगी देशों से चीन से दूरी बनाने की कोई वैचारिक शर्त नहीं रखेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका की प्राथमिकता यह है कि दुनिया का हर देश अपने राष्ट्रीय हित में निर्णय ले। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान रुबियो ने कहा 'हम किसी भी देश से यह नहीं कह रहे कि वे खुद को किसी से अलग-थलग करें, चाहे वह चीन ही क्यों न हो।'
विज्ञापन
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज है। हालांकि, रुबियो ने स्पष्ट किया कि प्रतिस्पर्धा का मतलब संबंध खत्म करना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पागलपन होगा कि अमेरिका और चीन आपस में बातचीत या संबंध न रखें।
ट्रंप प्रशासन की नई विदेश नीति
रुबियो ने संकेत दिया कि ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति वैचारिक दबाव के बजाय व्यावहारिक दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हर देश को अपनी भौगोलिक, आर्थिक और ऐतिहासिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फैसले लेने होते हैं।
इस दौरे के दौरान अमेरिका और हंगरी के बीच नागरिक परमाणु कार्यक्रम में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। हंगरी, जो नाटो और यूरोपीय संघ का सदस्य है, हाल के वर्षों में चीन के निवेश को बढ़ावा देता रहा है। रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और हंगरी केप्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन के बीच बहुत करीबी व्यक्तिगत और कार्य संबंध हैं, जिसने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत किया है। ऑर्बन ने मौजूदा दौर को अमेरिका-हंगरी संबंधों का स्वर्ण युग बताया।
चीन पर खुलापन, लेकिन आर्थिक चेतावनी भी
हालांकि अमेरिका चीन से रिश्ते बनाए रखने की बात कर रहा है, लेकिन रुबियो ने आर्थिक निर्भरता को लेकर स्पष्ट चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा दुनिया के लिए यह अच्छा नहीं है कि किसी एक देश या अर्थव्यवस्था पर 90 प्रतिशत तक निर्भर रहा जाए, खासकर महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं में। प्रेस वार्ता में यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी उठा। रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि युद्ध समाप्त हो और वह दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है। ईरान पर उन्होंने कहा कि कोई भी समझौता आसान नहीं होगा, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता देते हैं।