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US vs China: चीन की वैश्विक उन्नति पर भड़के ट्रंप के विदेश मंत्री, साइबर अपराधों और जासूसी के लिए ठहराया दोषी

Thu, 16 Jan 2025 08:46 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

US Vs China: भावी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन को झूठा, धोखेबाज और चोर कहा, जबकि साइबर अपराधों और जासूसी के लिए उसे दोषी ठहराया है। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि 20 जनवरी से, सभी विदेश नीति निर्णय केवल एक प्रमुख मानदंड के आधार पर लिए जाएंगे - 'क्या निर्णय संयुक्त राज्य अमेरिका को सुरक्षित, मजबूत और अधिक समृद्ध बनाते हैं।'
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मार्को रुबियो, ट्रंप के विदेश मंत्री पद के उम्मीदवार - फोटो : X / @marcorubio
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विस्तार
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बीजिंग पर कड़ी नजर रखने वाले अमेरिका के भावी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन के वैश्विक महाशक्ति के दर्जे पर पहुंचने के लिए सबसे बढ़िया परिभाषा का इस्तेमाल किया है। बिना किसी संकोच के, मार्को रुबियो, जो अमेरिका की विदेश नीति के दृष्टिकोण को नई दिशा देंगे, ने चीन को झूठा, धोखेबाज और चोर कहा, जबकि साइबर अपराधों और जासूसी के लिए उसे दोषी ठहराया है। इस दौरान मार्को रुबियो ने यह भी स्पष्ट किया कि 20 जनवरी से, सभी विदेश नीति निर्णय केवल एक प्रमुख मानदंड के आधार पर लिए जाएंगे - 'क्या निर्णय संयुक्त राज्य अमेरिका को सुरक्षित, मजबूत और अधिक समृद्ध बनाते हैं।'
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उन्होंने झूठ बोला, धोखा दिया- मार्को रुबियो
वहीं अमेरिका की तरफ से चीन के प्रति दिखाए गए सद्भावना के बारे में पश्चाताप भरे लहजे में बोलते हुए, मार्को रुबियो ने कहा, 'हमने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का इस वैश्विक व्यवस्था में स्वागत किया। और उन्होंने इसके सभी लाभों का लाभ उठाया। लेकिन उन्होंने इसके सभी दायित्वों और जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर दिया,'। उन्होंने आगे कहा कि 'इसके बजाय, उन्होंने झूठ बोला, धोखा दिया, जासूसी किया और हमारी कीमत पर वैश्विक महाशक्ति का दर्जा हासिल करने के लिए चोरी की।' 

डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अचानक विदेश नीति में बदलाव का संकेत देते हुए, अमेरिका के भावी विदेश मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 'युद्ध के बाद की वैश्विक व्यवस्था न केवल अप्रचलित है; यह अब हमारे खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला एक हथियार है।' उन्होंने जो बाइडन की विदेश नीति के रुख को खारिज कर दिया, जिसमें अमेरिका के नेतृत्व वाली 'उदार विश्व व्यवस्था' है, जो नियम-आधारित प्रणाली को प्राथमिकता देती है। इसके बजाय उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व में एक आक्रामक अमेरिकी रुख की वकालत की, जो इसके मूल उद्देश्य - 'अमेरिका फर्स्ट' के इर्द-गिर्द घूमता है। 
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आने वाला प्रशासन 'साहसिक कूटनीति' पर काम करेगा- मार्को रुबियो
चीन को केंद्र में रखते हुए, मार्को रुबियो ने दुनिया भर में 'तानाशाही' के एक साथ आने के खतरों के बारे में चेतावनी देते हुए कहा कि बीजिंग के अलावा, 'मॉस्को, तेहरान और प्योंगयांग के तानाशाह दुनिया में अराजकता और अस्थिरता फैलाते हैं'। रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का आने वाला प्रशासन यूक्रेन में युद्ध को प्राथमिकता के आधार पर खत्म करने के लिए 'निर्णायक फैसला' लेगा और 'साहसिक कूटनीति' पर काम करेगा।

बता दें कि, क्यूबा के श्रमिक वर्ग के आप्रवासियों के पुत्र मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री बनने वाले पहले हिस्पैनिक और पहले धाराप्रवाह स्पेनिश बोलने वाले व्यक्ति बनेंगे।
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