मलेशिया में शुक्रवार सुबह भूस्खलन की खबर आई। भूस्खलन की वजह से 21 लोगों की मौत हो गई है। सेलांगोर के मुख्यमंत्री अमीरुद्दीन शैरी के अनुसार, जान गंवाने वालों में दो पुरुष, सात महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। अभी भी करीब 12 लोगों के फंसे होने की भी आशंका है। तलाशी अभियान जारी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि बिना लाइसेंस वाले एक कैंपसाइट में अपने टेंट में सो रहे बच्चों सहित 21 लोगों की मौत हो गई। राहत और बचाव दलों ने जीवित बचे लोगों के लिए छानबीन की। जानकारी के मुताबिक, कुआलालंपुर के बाहरी इलाके के सेलांगोर राज्य में भूस्खलन हुआ।
सेलांगोर अग्निशमन और बचाव विभाग के निदेशक नोराजम खामिस ने शुक्रवार को कहा कि खोज और बचाव अभियान अगले 24 घंटे तक जारी रहेगा। जीवित बचे लोगों का पता लगाने के लिए 700 से अधिक कर्मी कीचड़ भरे इलाके में खोजबीन कर रहे हैं। पत्रकारों से बात करते हुए कैंप में रहने वाले लोगों ने कहा कि उन्होंने लगभग दो बजे (स्थानीय समयानुसार) तेज आवाजें सुनीं जो विस्फोट जैसी लग रही थीं। द स्ट्रेट्स टाइम्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि कई लोग अंधेरे में अपने टेंट से भाग निकले। हुलु सेलांगोर जिले के पुलिस प्रमुख सुफियन अब्दुल्ला ने कहा कि 94 पीड़ितों में से अधिकांश स्थानीय निवासी थे, जिनमें कैंपसाइट के कार्यकर्ता भी शामिल थे।
अब तक 61 लोगों को बचाया गया
अग्निशमन विभाग के निदेशक नोराजम खमीस ने बताया कि भूस्खलन कैंपसाइट के ऊपर करीब 30 मीटर की ऊंचाई से हुआ। इससे करीब एक एकड़ का इलाका प्रभावित हुआ है। खोज और बचाव दल के लोग कुछ रेस्क्यू डॉग के साथ जीवित बचे लोगों को खोजने की कोशिश में जुटे हुए हैं। स्थानीय निकाय विकास मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि 61 लोगों को बचाया गया है। बचाए गए लोगों में सिंगापुर के तीन नागरिक भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा
स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आपदा स्थल के पास बचाव कार्यों का मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के बाद उन्होंने मुआवजे की घोषणा करते हुए कहा कि पीड़ितों के परिवारों को 10,000 आरएम (मलेशियाई मुद्रा) मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जीवित बचे प्रत्येक परिवारों को 1,000 आरएम दिए जाएंगे।
स्थानीय सरकार के विकास मंत्री नगा कोर मिंग ने कहा कि कैंपसाइट बिना लाइसेंस के अवैध रूप से काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि संचालकों को केवल जैविक सब्जी फसलों की खेती की अनुमति दी गई थी। नगा कोर मिंग ने कहा कि इन्हें 50,000 आरएम का जुर्माना और तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है।