फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Switzerland: मांडविया बोले- सात वर्षों में देश में 7.5 करोड़ नौकरियों का सृजन, भारत बना रहा पारिस्थितिकी तंत्र

Wed, 11 Jun 2025 09:19 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा

सार

113th International Labour Conference: स्विटजरलैंड में 113वें अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि भारत में सात वर्षों में 7.5 करोड़ नौकरियों का सृजन हुआ है।
विज्ञापन
मनसुख मांडविया, केंद्रीय मंत्री - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को कहा कि बीते सात वर्षों में देश में औपचारिक क्षेत्र में 7.5 करोड़ से अधिक नौकरियां सृजित हुईं। उन्होंने कहा कि भारत शिक्षा से रोजगार तक एक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है।
विज्ञापन


113वें अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन को किया संबोधित
स्विटजरलैंड के जिनेवा शहर में 113वें अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, भारत ने रोजगार के क्षेत्र में खास प्रगति की है। इसकी वजह से पिछले सात वर्षों में औपचारिक क्षेत्र में 7.5 करोड़ से अधिक नौकरियां सृजित हुई हैं। हमारी रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजना 12.8 अबर डॉलर के आवंटन के साथ औपचारिक रोजगार को और बढ़ावा देगी। 

यह भी पढ़ें - US-China Deal: राष्ट्रपति ट्रंप बोले- चीन के साथ हमारा समझौता हो गया है; लंदन में बातचीत के बाद हुआ समझौता
विज्ञापन


केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, भारत ने एक मजबूत डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया है। इसमें राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। यह हमारे युवाओं और कामकाजी आबादी के लिए वन-स्टॉप समाधान है।

94 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा
वहीं सम्मेलन से इतर, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के महानिदेशक गिल्बर्ट एफ. हुंगबो के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बीते 11 वर्षों में मोदी सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई गरीब-हितैषी और कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत अब लाभार्थियों की संख्या के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर है, जो लगभग 94 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Belgium: 'आतंकवाद एक दिन आपको भी नुकसान पहुंचाएगा...', पाकिस्तान को लेकर जयशंकर की पश्चिमी देशों को फिर दो टूक

आईएलओ ने इसे स्वीकार करते हुए अपने डैशबोर्ड पर प्रकाशित किया कि भारत की 64.3 प्रतिशत आबादी (94 करोड़ से अधिक लोग) अब कम से कम एक सामाजिक सुरक्षा लाभ के अंतर्गत आते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें