अपने बयानों को लेकर हमेशा विवाद में घिरे रहने वाले कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर एक बार फिर चर्चा में है। इस बार अय्यर भारत के आंतरिक मामलों की चर्चा पाकिस्तान में करने को लेकर विवादों में हैं। उन्होंने लाहौर में एक चैनल पर चर्चा के दौरान दावा किया कि एनपीआर और एनआरसी के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री के बीच विवाद है।
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी भारत में हिंदुत्व का चेहरा हैं। अय्यर सोमवार को लाहौर में एक चैनल पर चर्चा का हिस्सा थे, पाकिस्तान के दिग्गज पत्रकार नजम सेठी भी इस चर्चा में शामिल थे।
चर्चा में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार में एनपीआर को एनआरसी लाने के रास्ते में देखा जा रहा है। संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा और लिखित रूप से आश्वस्त किया कि यह एनआरसी के लिए पहला कदम है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमने कई चीजें देखी हैं, जो लोग मुझे पसंद करते हैं, उन्हें लगेगा कि ये चीजें अंतरराष्ट्रीय रूप से सही नहीं है और मेरे ख्याल से मोदी इसे आसानी से जारी रख सकते हैं।
शाहीन बाग पहुंचे
बता दें कि अय्यर मंगलवार को दिल्ली में शाहीन बाग भी पहुंचे थे जहां नागरिकता कानून और प्रस्तावित एनआरसी का विरोध हो रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे करीब एक महीने से सड़क पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अय्यर इनके बीच पहुंचे थे और कहा था- जो भी कुर्बानी देनी हो, उसमें मैं भी शामिल होने के लिए तैयार हूं। अब देखें कि किसका हाथ मजबूत है, हमारा या उस कातिल का? उनके इस बयान पर भी विवाद हुआ और वह भाजपा के निशाने पर आ गए।