पश्चिम अफ्रीका के सेनेगल से रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां मानवता की सारी हदें पार कर दी गईं। 21वीं सदी में भी ऐसी घटना का सामने आना बड़ा ही खौफनाक है। दरअसल, यहां भीड़ ने एक व्यक्ति के शव को कब्र से निकालकर सार्वजनिक रूप से आग लगाने की घटना को सिर्फ इसलिए अंजाम दिया क्योंकि उसके समलैंगिक होने की बात सामने आई थी।
पुलिस ने चार संदिग्ध मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में साफ है कि घटनास्थल के आसपास सैकड़ों लोगों की भीड़ है।
यह है मामला
31 वर्षीय शेख फॉल के शव को शुक्रवार शाम को सेनेगल के काओलैक (Kaolack) में लियोना नियासेन कब्रिस्तान में दफनाया गया था। पहले परिवार ने तौबा में दफनाने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने व्यक्ति को उसके गृहनगर में दफनाने से इनकार कर दिया क्योंकि वह समलैंगिक था।
उसके बाद परिवार ने फॉल के शव को चुपचाप पास के एक कब्रिस्तान में दफना दिया। हालांकि, एक दिन भी नहीं बीता कि भीड़ ने बवाल मचा दिया। भीड़ ने व्यक्ति के शव को पहले कब्र से निकाला और उसमें सार्वजनिक रूप से आग लगा दी। इस घटना से पूरे देश में गुस्सा भड़क गया है।
किसी भी इंसान के निजी जीवन से…
लियोना नियासेन (जिस जगह पर घटना हुई) के खलीफ जनरल ने इस बर्बर कृत्य पर नाराजगी और गुस्सा व्यक्त किया है। वहीं, धार्मिक नेता ने घटना की निंदा की और कहा कि किसी भी इंसान के निजी जीवन से किसी का कोई लेना देना नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कृत्य को किसी भी तरह से सहन नहीं किया जा सकता है। लियोना नियासेन न तो प्रत्यक्ष रूप से और न ही दूरस्थ रूप से इस घृणित कृत्य में शामिल है।