पाकिस्तान कोरोना महामारी के इस दौर में भी वैश्विक मंचों पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने से बाज नहीं आ रहा है। हालांकि, उसे इस बार भी मुंह की खानी पड़ी है। संयुक्त राष्ट्र में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) की वर्चुअल बैठक में पाकिस्तान ने भारत में इस्लामोफोबिया फैलाने का आरोप लगाया। इस पर मालदीव ने न केवल कड़ी आपत्ति जताई बल्कि कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर कुछ लोगों की तरफ से कही बातें 130 करोड़ भारतीयों की राय नहीं मानी जा सकती।
लंबे समय से पाकिस्तानी यूजर्स दुष्प्रचार फैला रहे हैं कि भारत में मुस्लिम सुरक्षित नहीं हैं। इसी क्रम में ओआईसी में पाकिस्तानी प्रतिनिधी मुनीर अकरम ने भारत पर कई आरोप लगाए। इस पर यूएन में मालदीव की स्थायी प्रतिनिधी थिलमीजा हुसैन ने कहा, कुछ लोगों की तरफ से सोशल मीडिया पर फैलाई बातें भारत के 130 करोड़ लोगों की राय नहीं हो सकती।
उन्होंंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। वहां कई धर्मों के लोगों के अलावा 20 करोड़ मुस्लिम भी रहते हैं। ऐसे में इस्लामोफोबिया की बात करना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।
उन्होंने कहा कि भारत में सदियों से इस्लाम है। इस्लाम भारत का दूसरा सबसे बड़ा मजहब है। वहां की कुल आबादी में 14.2 फीसदी मुस्लिम हैं। उन्होंने आगे कहा कि मालदीव ओआईसी में ऐसी किसी कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा जो भारत के खिलाफ हो।