मलयेशिया के पूर्व पीएम मोहिउद्दीन यासीन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया है। उन पर कोरोना काल में भवन निर्माण ठेकेदारों के माध्यम से परियोजनाओं के बदले अपनी पार्टी बेरसातू के खातों में रुपये ट्रांसफर करने का आरोप है। इस संबंध में उनसे पूछताछ भी की गई है। अब कहा जा रहा है कि शुक्रवार को उनके खिलाफ आरोप तय किए जा सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व मलयेशिया पीएम मोहिउद्दीन स्वेच्छा से मलयेशियाई भ्रष्टाचार-रोधी आयोग (MACC) में गुरुवार सुबह पूछताछ के लिए गए थे। मलयेशियाई भ्रष्टाचार-रोधी आयोग (MACC) के प्रमुख ने इस मामले में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व पीएम पर आरोप है कि उन्होंने ठेकेदारों से महामारी के दौरान अनुबंधों के बदले में उनकी बेरसातू पार्टी के खातों में पैसा जमा कराया था। आजम बाकी ने यह भी बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री शुक्रवार को अदालत में पेश होंगे।
वहीं दूसरी ओर पूर्व पीएम मोहिउद्दीन ने गुरुवार को एमएसीसी कार्यालय में जाने से पहले ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि यह एक राजनीतिक प्रतिशोध का लक्ष्य है। बता दें कि इस मामले में कई अन्य बेरसातू राजनेताओं से भी पूछताछ की गई है। साथ ही दो पर आरोप भी लगाए गए हैं।
कौन हैं पूर्व प्रधानमंत्री मोहिउद्दीन
मलयेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री मोहिउद्दीन मझे हुए राजनेता हैं। अपने राजनैतिक करियर में वे कई बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। मलयेशिया के जोहोर प्रांत के मुआर में पले-बढ़े मोहिउद्दीन ने मलय विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और मलय स्टडीज में पढ़ाई की है। मोहिउद्दीन ने अपने राजनैतिक सफर की शुरूआत यूनाइटेड मलय नेशनल ऑर्गनाइजेशन (यूएमएनओ) से की थी। 15 साल में ही वह जोहोर प्रांत के विधायक से मुख्यमंत्री बन गए थे। उन्होंने महातिर मोहम्मद के साथ हाथ अपनी पार्टी परती परीबूमी बेरसातू मलेशिया (बेरसातू) का गठन किया था। मोहिउद्दीन पार्टी के अध्यक्ष हैं जबकि महातिर चेयरमैन हैं।