डेविस पुलिस विभाग के उप प्रमुख पॉल डोरोशोव ने कहा कि डेविस में लोगों के एक हिस्से के लिए इसे एक सांस्कृतिक आइकन के रूप में देखा जाता है, इसलिए हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। महात्मा गांधी की इस मूर्ति को भारत सरकार की ओर से डेविस सिटी को दान में दिया गया था। इस मूर्ति को सिटी काउंसिल ने चार साल पहले गांधी-विरोधी और भारत-विरोधी संगठनों के प्रदर्शन के दौरान स्थापित किया था।
मूर्ति स्थापित करने का किया था विरोध
ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइनोरिटीज इन इंडिया (ओएफएमआई ) और खालिस्तान समूह ने इन विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई की और प्रतिमा की स्थापना का विरोध किया। दूसरी ओर डेविस सिटी के नागिरकों ने मूर्ति को स्थापित किए जाने का समर्थन किया और इसकी स्थापना की गई। इस घटना के बाद से ही ओएफएमआई ने महात्मा गांधी की मूर्ति को हटाने के लिए अभियान चलाया हुआ है। वहीं, इस घटना के बाद से डेविस सिटी में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने नाराजगी व्यक्त की है और अपना रोष जाहिर किया है।