मैक्रों ने ट्वीट किया कि मुझे विश्वास है कि शांति के निर्माण में चीन की एक प्रमुख भूमिका है। मैं इसी पर चर्चा करने आया हूं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग से व्यवसायों, जलवायु व जैव विविधता और भोजन के बारे में भी बात की जाएगी।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस मुलाकात के पीछे का कारण यह है कि फ्रांसीसी नेता वैश्विक समस्याओं के समाधान के प्रयासों में चीन की सक्रिय भागीदारी चाहता है। तीन दिन की यात्रा के लिए चीन पहुंचे मैक्रों ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान वह कोशिश करेंगे कि चीन यूक्रेन में शांति प्रयासों में शामिल हो।
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शांति में चीन की एक प्रमुख भूमिका
मैक्रों ने ट्वीट किया कि मुझे विश्वास है कि शांति के निर्माण में चीन की एक प्रमुख भूमिका है। मैं इसी पर चर्चा करने आया हूं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग से व्यवसायों, जलवायु व जैव विविधता और भोजन के बारे में भी बात की जाएगी। साथ ही सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
यूरोप की एकता का संदेश
बता दें, मैक्रों के साथ यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी चीन दौरे पर आए हैं। ऐसा करके इस कूटनीतिक प्रयास में पूरे यूरोप की एकता का संदेश दिया जा रहा है। चीन के फ्रांसीसी निवासियों को संबोधित करते हुए मैक्रों ने कहा कि वह कोशिश करेंगे कि यूक्रेन, ईरान और उत्तर कोरिया सहित अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता संबंधी मुद्दों पर चीन अपनी साझी जिम्मेदारी निभाए।
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कई बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
चीन के फ्रांसीसी दूतावास में आयोजित कार्यक्रम में मैक्रों ने पुतिन की बेलारूस में सामरिक परमाणु हथियार तैनात करने की योजना का भी उल्लेख किया। चीन इसका चीन विरोध करता है। मैक्रों ने यह भी कहा कि चीन ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए फरवरी में एक योजना प्रस्तावित की। यूक्रेन में शांति और अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के हल में साझेदारी के साथ-साथ इस यात्रा के दौरान मैक्रों दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को भी मजबूती देंगे। यात्रा के दौरान फ्रांसीसी और चीनी कंपनियों के बीच कई बड़े सौदों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।