कोरोना संकट के आर्थिक दुष्प्रभाव पूरी दुनिया में प्रमुखता से उभरने लगे हैं। राहत पैकेजों का दौर जारी है। एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में जर्मन सरकार और राष्ट्रीय वाहक लुफ्थांसा के प्रबंधन के बीच कोरोना वायरस महामारी के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए सोमवार को एक बहुप्रतीक्षित समझौता हुआ। जर्मन एयरलाइन समूह लुफ्थांसा ने बर्लिन के साथ नौ अरब यूरो (9.8 अरब डॉलर) के राहत सौदे को सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी है।
पिछले हफ्ते, एयरलाइन समूह ने घोषणा की थी कि बेलआउट के लिए नौ अरब यूरो ( 9.9 अरब डॉलर) की रकम को लेकर उसने जर्मनी के सरकारी अधिकारियों के साथ बातचीत की है। बातचीत पॉजिटिव नोट पर आगे बढ़ रही है। यह डील सरकार को कंपनी में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी देगी।
अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि कोरोना वायरस महामारी से पहले कंपनी स्वस्थ और लाभदायक थी। इसमें भविष्य के लिए अच्छी संभावनाएं थीं। अप्रैल में कंपनी ने कहा था कि वह हर घंटे एक मिलियन यूरो गंवा रही है।
यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन कोरोना वायरस प्रकोप के चलते लगे लॉकडाउन के कारण नुकसान में चली गई। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए दुनिया भर में लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के चलते उसे गंभीर वित्तीय गिरावट का सामना करना पड़ा। लुफ्थांसा के बेड़े के लगभग 95 प्रतिशत विमान वर्तमान में जमीन पर हैं।