अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो इसी महीने भारत का दौरा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और अमेरिका रक्षा, व्यापार, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं। माना जा रहा है कि मार्को रुबियो का यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो जल्द ही अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर आने वाले हैं। इसको लेकर भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने खुशी जताई है और कहा है कि वह रुबियो के स्वागत के लिए उत्साहित है। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह विदेश मंत्री मार्को रुबियो के पहले भारत दौरे, क्वाड देशों की मंत्रीस्तरीय बैठक और उच्चस्तरीय वार्ताओं का इंतजार कर रहा है। साथ ही अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के कार्यक्रमों का भी जिक्र किया गया।
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बढ़ेगी रणनीतिक साझेदारी
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस दौरे को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ बढ़ती साझेदारी को बहुत महत्व देता है और दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने मार्को रुबियो को अपना 'अच्छा दोस्त' बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध दुनिया के लिए भी फायदेमंद साबित होंगे।
क्वाड बैठक पर रहेगी नजर
रिपोर्ट के अनुसार, रुबियो इस महीने भारत आ सकते हैं। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत में होने वाली क्वाड देशों की मंत्रीस्तरीय बैठक में हिस्सा लेना होगा। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और चीन के बढ़ते प्रभाव का संतुलन बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत के अन्य हिस्सों का भी दौरा करना चाहते हैं रुबियो
राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि मार्को रुबियो सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि भारत के अन्य हिस्सों का भी दौरा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के लिए बेहद अहम साझेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मजबूत संबंध हैं और दोनों नेताओं के बीच इस साल कई बार बातचीत हो चुकी है। गोर ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के बीच कई बड़े समझौतों या नई घोषणाओं की जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में वह वॉशिंगटन गए थे, जहां उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद दोनों देशों के बीच सहयोग से जुड़े कई बड़े फैसलों की तैयारी चल रही है।