पश्चिम एशिया संकट के चलते फिलहाल पूरी दुनिया का ध्यान यूक्रेन युद्ध से हट चुका है और इससे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि उनके शहरों पर रूस के हमले हो रहे हैं और इसके बावजूद उन्हें अमेरिका से एयर डिफेंस सिस्टम नहीं मिल पा रहा है।
पश्चिम एशिया संकट का असर वैश्विक तौर पर दिख रहा है और पूरी दुनिया में इसे लेकर चिंता का माहौल है। हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की इस युद्ध से खास तौर पर तनावग्रस्त हैं। जेलेंस्की ने आशंका जताई है कि अगर अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इससे यूक्रेन के प्रति अमेरिका का समर्थन और कमजोर हो सकता है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन की प्राथमिकताओं में बदलाव के चलते यूक्रेन को बेहद जरूरी पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति में कमी का सामना करना पड़ सकता है।
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यूक्रेन को एयर डिफेंस की बेहद जरूरत
इस्तांबुल में 'द एसोसिएटेड प्रेस' को दिए एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि रूस के रोजाना हमलों का सामना करने के लिए यूक्रेन को अमेरिका में बने पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की सख्त जरूरत है। रूस द्वारा चार साल पहले शुरू किए गए हमले के बाद से अग्रिम मोर्चे के अलावा शहरी इलाकों में भी रूसी हमलों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा आपूर्ति को भी निशाना बनाया है, जिससे ड्रोन और मिसाइल उत्पादन बाधित हुआ है और सर्दियों में नागरिकों को हीटिंग और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ा है। जेलेंस्की ने कहा, 'हमें यह स्वीकार करना होगा कि फिलहाल हम प्राथमिकता में नहीं हैं। इसलिए मुझे डर है कि ईरान युद्ध लंबा खिंचने पर हमें मिलने वाला समर्थन कम हो जाएगा।'
यूक्रेन से ध्यान भटकने की आशंका
मॉस्को और कीव के प्रतिनिधियों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में हुई ताजा वार्ता फरवरी में बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। जेलेंस्की ने रूस पर वार्ता को लंबा खींचने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूक्रेन अब भी संभावित समझौते को लेकर अमेरिकी वार्ताकारों के संपर्क में है और मजबूत सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहा है। हालांकि, उन्होंने माना कि इन वार्ताओं से भी वैश्विक ध्यान हट गया है।
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उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता पैट्रियट सिस्टम को लेकर है, जो रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए बेहद जरूरी हैं, और फिलहाल यूक्रेन के पास इसका कोई प्रभावी विकल्प नहीं है।
जेलेंस्की के मुताबिक, शुरुआत से ही इन सिस्टमों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हुई और यदि ईरान का युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ, तो हमारे लिए मुश्किल बढ़ेगी।'
रूस की तेल से आय बढ़ने पर जेलेंस्की ने जताई चिंता
जेलेंस्की को उम्मीद थी कि यूरोपीय देश पैट्रियट सिस्टम की खरीद में मदद करेंगे। लेकिन अब छठे सप्ताह में पहुंच चुके ईरान युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया है और पश्चिम एशिया के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। इससे सीमित संसाधनों पर और दबाव बढ़ा है, हथियारों के भंडार दूसरी दिशा में मोड़े जा रहे हैं और यूक्रेनी शहर बैलिस्टिक हमलों के प्रति अधिक असुरक्षित हो रहे हैं।
यूक्रेन की रणनीति का एक अहम लक्ष्य मॉस्को की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना और युद्ध को महंगा बनाना है, लेकिन ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे रूस की आय बढ़ रही है और उसकी युद्ध क्षमता मजबूत हो रही है।
जेलेंस्की ने कहा कि मध्य पूर्व युद्ध से रूस को आर्थिक फायदा हो रहा है। उन्होंने रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों में सीमित ढील का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'रूस को इससे अतिरिक्त पैसा मिल रहा है और उन्हें इसका फायदा हो रहा है।'