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लॉकडाउन का साइड इफेक्ट: विदेशों में कोरोना से भी तेज 'दुर्व्यवहार' का संक्रमण

न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 08 Apr 2020 06:00 AM IST
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लॉकडाउन - फोटो : PTI

कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए दुनियाभर में आवाजाही पर लगी रोक ने घरेलू हिंसा को बढ़ा दिया है। ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि वायरस के कारण घरों में महिला-बच्चों से दुर्व्यवहार का संक्रमण भी फैलता जा रहा है।

सरकारें जब महामारी से निपटने में व्यस्त हैं, उस वक्त पारिवारिक हिंसा के पीड़ितों की मदद करना उनके लिए चुनौती बन गया है। दुनियाभर में घरेलू हिंसा के लिए बनी हॉटलाइनों पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है। ब्रिटेन-स्पेन में 20 फीसदी तो फ्रांस में 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं।



संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा, मैं सभी सरकारों के महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं। उन्होंने यह भी माना कि इस मुश्किल घड़ी में सरकारें घरेलू हिंसा रोकने में नाकाम रही हैं। जैसे कोरोना रोकने के लिए देरी से कदम उठाए, वैसा घरेलू हिंसा के लिए नहीं होना चाहिए।

ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के समाजविद मैरीआने हेस्टर बताती हैं कि जब परिवारों के सदस्य ज्यादा समय साथ बिताते हैं तो घरेलू हिंसा में इजाफा होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप समेत कई देशों की सरकारों ने घरेलू हिंसा पर सोचे बिना ही लॉकडाउन का निर्णय ले लिया।

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लॉकडाउन - फोटो : PTI
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए दुनियाभर में आवाजाही पर लगी रोक ने घरेलू हिंसा को बढ़ा दिया है। ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि वायरस के कारण घरों में महिला-बच्चों से दुर्व्यवहार का संक्रमण भी फैलता जा रहा है।

सरकारें जब महामारी से निपटने में व्यस्त हैं, उस वक्त पारिवारिक हिंसा के पीड़ितों की मदद करना उनके लिए चुनौती बन गया है। दुनियाभर में घरेलू हिंसा के लिए बनी हॉटलाइनों पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है। ब्रिटेन-स्पेन में 20 फीसदी तो फ्रांस में 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा, मैं सभी सरकारों के महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं। उन्होंने यह भी माना कि इस मुश्किल घड़ी में सरकारें घरेलू हिंसा रोकने में नाकाम रही हैं। जैसे कोरोना रोकने के लिए देरी से कदम उठाए, वैसा घरेलू हिंसा के लिए नहीं होना चाहिए।

ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के समाजविद मैरीआने हेस्टर बताती हैं कि जब परिवारों के सदस्य ज्यादा समय साथ बिताते हैं तो घरेलू हिंसा में इजाफा होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप समेत कई देशों की सरकारों ने घरेलू हिंसा पर सोचे बिना ही लॉकडाउन का निर्णय ले लिया।

आइसोलेशन ने दी अपराधियों को ताकत

  • हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जूडिथ लेविस हरमैन ने 90 के दशक में लिखा था कि घरेलू हिंसा के अपराधी घर में कैद रहने के दौरान सदस्य को नियंत्रण में रखने के लिए जोर-जबरदस्ती का ज्यादा सहारा लेते हैं।
  • कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि आइसोलेशन महामारी के खिलाफ जरूरी है पर इसने घरेलू हिंसा करने वालों को ज्यादा ताकतवर बना दिया है।
  • आइसोलेशन के चलते पीड़ितों को दोस्तों या जानकारों से मिलने वाली मानसिक मदद नहीं मिल पा रही है। हालांकि, घरेलू हिंसा से महिलाओं को बचाने के लिए कार्यरत संस्थान अब आगे आने लगे हैं।

फ्रांस: सरकार ने माना लॉकडाउन से बढ़ी शिकायतें

फ्रांस पुलिस का कहना है कि घरेलू हिंसा में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। फ्रेंच टीवी को दिए साक्षात्कार में फ्रांस के गृहमंत्री क्रिस्टोफ कैस्टनेर ने कहा है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घरेलू हिंसा पीड़ितों की फौरन मदद के आदेश दिए हैं। उनका भी मानना है कि मामलों में यह वृद्धि लॉकडाउन के कारण हुई है।

ब्रिटेन: सरकार पर बनाया दबाव
ब्रिटेन में भी मामले बढ़ते देख सरकार ने हॉटलाइन और एप्लीकेशन शुरू कीं, जिनके जरिए महिलाएं मदद की गुहार लगा सकती हैं। वहां इनमें 20 फीसदी वृद्धि हुई है। पिछले हफ्ते दर्जनों नागरिक समूहों ने सरकार को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।

फिर गृह सचिव ने कहा कि सरकार पुलिस की मदद से पीड़ितों की मदद कर करने की दिशा में बढ़ रही है। सरकार ने कहा है कि अगर घर पर हालात बेकाबू हों तो पीड़ितों के लिए घरों तक सीमित रहने के नियम का पालन करना जरूरी नहीं है।

इटली: धीरे-धीरे बढ़ते गए हिंसा के मामले

इटली में मार्च की शुरुआत में लॉकडाउन प्रभावी हुआ। धीरे-धीरे हिंसा के मामले बढ़ना शुरू हुए। शेल्टर होम में महिलाओं को संक्रमण के भय से रहने की जगह नहीं दी गई। उन्हें मजबूरन घरों में ही कैद रहना पड़ा।  सरकार ने प्रशासन को कहकर होटलों में पीड़ितों के रहने का इंतजाम कराया।

स्पेन: पहले दो हफ्तों में ही बढ़ी शिकायतें
स्पेन में तो आपात कॉल सेंटर पर घरेलू हिंसा के मामलों की शिकायत में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। एक महिला एना ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि उसका साथी दिनभर बदतमीजी से पेश आता है। घर में उस पर निगरानी रखता है। स्पेन ने 14 मार्च को लॉकडाउन किया था।

चीन: फरवरी से हेल्पलाइन पर शिकायतों में इजाफा

चीन के अनहुई की लीली का हर पल पति से बहस में गुजरा। एक मार्च को जब वह 11 माह की बेटी को गोद में लिए थी, तब पति ने पीटा। वैसे तो पिछले छह साल के रिश्ते के दौरान पति से बहस होती रही है पर कोविड-19 के कारण साथ रहने के चलते ज्यादा हिंसा का सामना करना पड़ा है।
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