अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और पीएम मोदी
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अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने शनिवार को दिल्ली में कहा कि वाशिंगटन को कभी यह नहीं लगा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर गतिरोध के दौरान भारत और चीन युद्ध की कगार पर पहुंच गए थे। बता दें कि दोनों देशों के बीच हाल ही में लद्दाख में तनाव चरम पर पहुंच गया था और सेनाएं तैनात कर दी गई थीं।
भारत यात्रा पर आए ऑस्ट्रेलिया ने दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि जो बाइडन प्रशासन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए समान विचारों वाले भारत जैसे देशों के साथ काम करना चाहेगा।जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ने कभी सोचा कि भारत-चीन के बीच युद्ध अवश्यंभावी है? अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके देश ने कभी ऐसा नहीं सोचा। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया व जापान के साथ काम करता रहेगा। बता दें, दक्षिण चीन सागर, पूर्वी चीन सागर, ताइवान व भारत को लेकर चीन आक्रामक रवैया अपनाता रहता है। इसे देखते हुए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान व भारत ने क्वाड संगठन बनाया है। यह चीन पर नकेल कसने के लिए बना है।
एस-400 को लेकर भारत पर पाबंदी लगाएगा अमेरिका?
ऑस्टिन से जब यह पूछा गया कि क्या रूस से मिसाइल सुरक्षा प्रणाली एस-400 खरीदने पर अमेरिका भारत पर पाबंदी लगाएगा? अमेरिकी रक्षा मंत्री ने जवाब में कहा कि यह मामला अभी विचाराधीन नहीं है। ऑस्टिन ने कहा कि अमेरिका इसमें भारत के रक्षा हितों को समझता है, लेकिन अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है।
राजनाथ से की विस्तृत वार्ता
इससे पहले ऑस्टिन ने कहा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और भारत-अमेरिकी रक्षा संबंधों को लेकर विचार-विमर्श किया। अमेरिकी रक्षा मंत्री तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष लॉयड ऑस्टिन ने शनिवार को विस्तृत वार्ता की, जिसमें द्विपक्षीय रणनीतिक सबंधों को और विस्तार देने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलती स्थिति और आतंकवाद की चुनौती जैसे विषयों पर मुख्य रूप से चर्चा की गई। वार्ता से पहले उन्हें विज्ञान भवन परिसर में सलामी गारद दिया गया। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की।