संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने घोषणा की कि 20 जनवरी को जो बाइडन अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे।
270 चुनावी मतों के प्रमाणित होने के बाद, इलेक्टोरल कॉलेज में जो बाइडन की जीत प्रमाणित हुई है, जो यह पुष्टि करता है कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति होंगे।
अमेरिकी संसद के दोनों सदनों- प्रतिनिधि सभा और सीनेट ने एरिजोना में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की जीत को दी गयी चुनौती खारिज कर दी है। सीनेट ने बाइडन की एरिजोना में जीत के खिलाफ निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुनौती खारिज कर दी है और कहा है कि एरिजोना के नतीजे मान्य हैं। एरिजोना में चुनाव के नतीजों पर रिपब्लिकन सांसद पॉल गोसर और सीनेटर टेड क्रूज ने आपत्ति की थी जिसे छह के मुकाबले 93 मतों से खारिज कर दिया गया।
सीनेट ने बाइडन के लिए पेंसिलवेनिया में इलेक्टोरल कॉलेज वोटों पर रिपब्लिकन पार्टी की आपत्ति भी खारिज कर दी। सीनेट के सदस्यों ने सात के मुकाबले 92 मतों से इस आपत्ति को नामंजूर कर दिया। सीनेट के बहुमत के नेता मिच मैककोनेल ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि किसी भी दूसरे राज्यों के नतीजों को चुनौती नहीं दी जाएगी। इसका मतलब है कि पेंसिलवेनिया की चुनौती पर सदन की वोटिंग के बाद बाइडन की जीत पर संसद की औपचारिक मुहर लग जाएगी। सीनेट ने बिना किसी चर्चा के ही पेंसिलवेनिया के वोटों को रद्द करने के प्रयासों को खारिज कर दिया।
अमेरिका में एक तरफ नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को 20 जनवरी को पद की शपथ लेनी है तो दूसरी तरफ देश में अप्रत्याशित अराजकता का माहौल है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या 20 जनवरी को ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने से पहले उन्हें पद से हटाया जा सकता है? इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि क्या ट्रंप को अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन का सहारा लेकर हटाना मुमकिन है? इस संशोधन के जरिए राष्ट्रपति की अपनी ही कैबिनेट उन्हें पद से हटा सकती है।
अमेरिका के अनेक सांसदों ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तत्काल पद से हटाए जाने की मांग की है। सांसदों का आरोप है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को भड़काया जिसके बाद उनके समर्थक कैपिटल परिसर में घुस गए और हंगामा किया और इससे अमेरिकी लोकतंत्र को ठेस पहुंची है।
भारी पुलिसबलों की मौजूदगी में कांग्रेस के दोनों सदनों ने बिडेन की इलेक्टोरल कॉलेज की जीत को प्रमाणित करने पर अपना काम फिर से शुरू कर दिया है। उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा, 'जिन लोगों ने आज कैपिटल परिसर के बाहर हिंसा की, आप नहीं जीते हैं।'
बीबीसी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, एफबीआई ने कहा, 'उन जानकारियों को प्राप्त किया जा रहा है जिससे उन लोगों की पहचान करने में सहायता मिलेगी जो वाशिंगटन डीसी में सक्रिय रूप से हिंसा भड़का रहे हैं।'
नेवादा के इलेक्टोरल वोटों को रिपब्लिकन प्रतिनिधियों द्वारा चुनौती दी गई थी, लेकिन किसी भी सीनेटर ने आपत्ति पर हस्ताक्षर नहीं किए। इसलिए इन वोटों को स्वीकार किया जाता है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कैपिटल परिसर में हुई हिंसा को लेकर ट्वीट कर कहा, 'अमेरिकी कांग्रेस का शर्मनाक दृश्य। संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया भर में लोकतंत्र के लिए खड़ा रहता है और अब यह महत्वपूर्ण है कि सत्ता का शांतिपूर्ण और व्यवस्थित हस्तांतरण होना चाहिए।'
ट्रंप समर्थकों द्वारा अमेरिकी कैपिटल में हिंसा की निंदा करते हुए उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि हिंसा कभी नहीं जीतती है, स्वतंत्रता जीतती है।
यूएस हाउस और सीनेट ने संयुक्त सत्र को फिर से शुरू किया। इलेक्टोरल कॉलेज वोटों को प्रमाणित करने के परिणामस्वरूप जो बाइडन को विजयी घोषित किया गया।
एफबीआई ने कहा कि उसने दो संदिग्ध विस्फोटक उपकरणों को निष्क्रिय कर दिया है और अधिकारियों ने हमले के लगभग 4 घंटे बाद कैपिटल को 'सुरक्षित' घोषित कर दिया है।
वाशिंगटन के पुलिस प्रमुख का कहना है कि कैपिटल में हुई हिंसा के मामले में 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वाशिंगटन डीसी की पुलिस के अनुसार, कैपिटल परिसर में ट्रंप समर्थकों की झड़प के दौरान चार लोगों की मौत हो गई है। एक महिला को पुलिस की गोली लगी। तीन अन्य की मेडिकल आपातकाल में मौत हो गई है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस सहित कई वैश्विक नेताओं ने अमेरिकी हिंसा की निंदा की।
वाशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरियल बोसेर ने कहा कि मैंने आज 15 दिनों के लिए घोषित किए गए सार्वजनिक आपातकाल को बढ़ाने का आदेश जारी किया है।
अमेरिका में अब डोनाल्ड ट्रंप को तुरंत पद से हटाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल ट्रंप के कार्यकाल में दो हफ्ते बचे हैं, लेकिन करीब दो दर्जन से अधिक डेमोक्रेट सांसद उनके खिलाफ फिर से महाभियोग लाने की तैयारी में हैं।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बयान में कहा, 'इतिहास आज कैपिटल में हुई हिंसा को हमेशा याद रखेगा। इसे एक सिटिंग राष्ट्रपति द्वारा उकसाया गया। यह हमारे देश के लिए बेहद अपमान और शर्म की बात है। वह एक वैध चुनाव के परिणाम के बारे में लगातार निराधार रूप से झूठ बोल रहे हैं। यदि इस घटनाक्रम को हम एक आश्चर्य मानते हैं तो हम खुद के साथ मजाक कर रहे हैं।'
सदन में रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा, 'जो बाइडन और कमला हैरिस कानूनन चुने गए हैं और 20 जनवरी को वे ही अमेरिका के राष्ट्रपति-उप राष्ट्रपति होंगे।'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंत्रिमंडल के सदस्यों ने बुधवार को ट्रंप को पद से संभावित तौर पर हटाने को लेकर चर्चा की। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उनके समर्थकों की कैपिटल परिसर में पुलिस के साथ हिंसक झड़प हो गई। चर्चा अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन पर केंद्रित है, जो उपराष्ट्रपति और कैबिनेट द्वारा एक राष्ट्रपति को हटाने की अनुमति देता है अगर उसे 'अपने कार्यालय की शक्तियों और कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ' माना जाता है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, तीन राजनयिक स्रोतों ने बताया कि विदेशों में अमेरिकी राजनयिकों को वाशिंगटन में कैपिटल हिल पर हुई हिंसक झड़प को देखते हुए सभी सोशल मीडिया पोस्ट को निलंबित करने के लिए कहा गया है। यह कदम आमतौर पर आतंकवादी हमले या बड़ी प्राकृतिक आपदा के दौरान उठाया जाता है।
अमेरिकी सीनेट ने चुनावी प्रमाणन फिर से शुरू कर दिया है।
अमेरिकी सीनेट ने एरिजोना में जो बाइडन की चुनावी जीत को लेकर दी गई चुनौती को खारिज कर दिया।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, कई रिपब्लिकन नेताओं और कैबिनेट अधिकारियों का कहना है कि उन्हें लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 20 जनवरी से पहले पद से हटा दिया जाना चाहिए।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनी गईं कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के यूएस कैपिटल से हटने की मांग की है। हैरिस ने ट्वीट कर कहा, 'मैं कैपिटल और अपने देश के लोक सेवकों पर हमले के लिए बाइडेन के आह्वान में शामिल हूं जिसमें उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के काम को आगे बढ़ने दें।'
अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि हम इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने गोली लगने से जान गंवाने वाली महिला को लेकर शोक व्यक्त किया। पेंस ने कहा कि उन लोगों को भी चोट लगी है जिन्होंने आज हमारे कैपिटल का बचाव किया है।
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव सारा मैथ्यूज ने आज घटित हुई घटनाओं के मद्देनजर ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा दे दिया है।
इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने कहा, 'हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इंस्टाग्राम अकाउंट को 24 घंटे के लिए बंद कर रहे हैं।'
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यूएस हाउस की स्पीकर नैंसी पैलोसी ने कहा कि निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की चुनावी जीत का कांग्रेस का सर्टिफिकेट दुनिया को दिखाया जाएगा।
अमेरिकी हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'वॉशिंगटन डीसी में दंगों और हिंसा के बारे में समाचार देखने के बाद परेशान हूं। सत्ता का व्यवस्थित और शांतिपूर्ण हस्तांतरण जारी रहना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध प्रदर्शन के माध्यम से प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता है।'
ट्विटर द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को निलंबित करने के एक घंटे बाद, फेसबुक ने भी इसका अनुसरण किया। द एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया जब ट्रंप के समर्थक कैपिटल परिसर के बाहर प्रदर्शन करने लगे और उनकी पुलिस से झड़प हो गई।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन सहित राष्ट्रपति ट्रंप के कई शीर्ष सहयोगी, आज अमेरिका के कैपिटल में ट्रंप समर्थकों की हिंसा के मद्देनजर पद से इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं। यह जानकारी सीएनएन ने दी है।
वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी कैपिटल में हिंसा के बाद अमेरिकी सांसदों ने इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों को प्रमाणित करने के लिए फिर से इकट्ठा हुए।
ट्विटर ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा, 'हमारी सिविक इंटीग्रिटी या हिंसक धमकियों की नीतियों सहित ट्विटर नियमों का भविष्य में उल्लंघन, डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट के स्थायी निलंबन का परिणाम होगा।'
यूएस कैपिटल में हिंसा के मद्देनजर ट्विटर ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वीडियो ट्वीट को प्रतिबंधित कर दिया है। ट्विटर का कहना है, 'चुनावी धोखाधड़ी का यह दावा विवादित है और इस ट्वीट को हिंसा के जोखिम के कारण, रीट्वीट, रिप्लाई या लाइक नहीं किया जा सकता है।'
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कायले मैकनन ने ट्वीट कर कहा, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर, नेशनल गार्ड अन्य संघीय सुरक्षात्मक सेवाओं के साथ रास्ते में हैं।'
कैपिटल परिसर में हिंसा के बाद प्रथम अमेरिकी महिला मेलानिया ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ स्टेफनी ग्रीशम ने इस्तीफा दिया।
यूएस कैपिटल (संसद) परिसर में हिंसा के बाद सांसदों ने इलेक्टोरल कॉलेज वोट को प्रमाणित करने पर दोबारा काम शुरू किया।
बता दें कि भारी हंगामे के बाद ट्रंप ने एक घंटे के अंदर दो ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लिखा, कृपया पुलिस का सहयोग करें। वे असल में हमारे देश की तरफ हैं। शांतिपूर्वक रहें। हमें याद रखना चाहिए कि कानून-व्यवस्था का पालन करने वाली पार्टी से जुड़े हैं। कानून का सम्मान करें।
फिलहाल पुलिस ने कैपिटल परिसर को खाली करवा लिया है और यहां ट्रंप समर्थकों की भीड़ नजर नहीं आ रही है। ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी में अपने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा था कि जब धांधली हुई हो तब आपको अपनी हार स्वीकार नहीं करनी चाहिए। ट्रंप ने एक घंटे से अधिक के अपने भाषण में दावा किया कि उन्होंने इस चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। इसके बाद से समर्थक बेकाबू हो गए थे।
ट्विटर ने कहा कि अगर भविष्य में उसके नियमों का उल्लंघन हुआ या राजनीतिक धमकी दी गई तो डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट हमेशा के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।
यूएस कैपिटल में हिंसा के बाद ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप के तीन ट्वीट हटाए। इसमें वह वीडियो भी शामिल है जिसमें ट्रंप ने समर्थकों को संबोधित किया था। इसके साथ ही ट्विटर ने ट्रंप का अकाउंट 12 घंटे के लिए निलंबित कर दिया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद का संयुक्त सत्र शुरू होने से ठीक पहले कहा कि वह चुनाव में हार को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें धांधली हुई है और यह धांधली उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन के लिए की गई, जो नवनिर्वाचित राष्ट्रपति हैं। इसी के बाद हिंसा शुरू हुई।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने ही उनके समर्थकों के कैपिटल बिल्डिंग में घुसने का विरोध जताया। रिपब्लिकन सीनेटर कॉटन, जॉनसन आदि ने कैपिटल बिल्डिंग के अंदर हिंसा को अस्वीकार्य बताते हुए ट्वीट किए और ट्रंप समर्थकों से वापस लौटने की अपील की। यूएस हाउस में रिपब्लिकन संसदीय दल के नेता मैक्कार्थी ने कहा, यूएस कैपिटल बिल्डिंग में प्रदर्शनकारी गतिविधि ‘अमेरिकी मूल्य’ नहीं हैं। इसे अब रोकना होगा।
कैपिटल पुलिस ने ट्रंप समर्थकों की तरफ से रासायनिक गैसों के इस्तेमाल की आशंका जताई और एहतियात के तौर पर अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा के सदस्यों को अपनी डेस्क में मौजूद गैस मास्क पहनने का निर्देश दिया। सभी सदस्यों को यूएस हाउस चैंबर में कैपिटल पुलिस ने अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया। तीसरे फ्लोर पर मौजूद सांसदों को पुलिस ने बाहर निकाल लिया है। कैपिटल पुलिस ने यूएस हाउस चैंबर में मौजूद सभी मीडियाकर्मियों को भी फर्श पर लिटा दिया।
ट्विटर के बाद फेसबुक ने भी ट्रंप का वीडियो हटा दिया है जिसमें वह समर्थकों को संबोधित करते हुए चुनाव में धोखाधड़ी की बात कह रहे थे। फेसबुक के वाइस प्रेसीडेंट गॉय रोसेन ने कहा कि हमने इस वीडियो इसलिए हटाया क्योंकि हमें लगता है कि इससे हिंसा बढ़ सकती है।
यूएस कैपिटल में हिंसा: सीएनएन के मुताबिक, जिस महिला को प्रदर्शन के दौरान गोली लगी थी उसकी अस्पताल में मौत हो गई।
अधिकारियों ने कहा कि कैपिटल बिल्डिंग अब पूरी तरह सुरक्षित है। यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी घुस आए थे। इस दौरान जमकर हिंसा भी हुई।
कैपिटल बिल्डिंग में घुसने के दौरान ट्रंप समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हुई। देखें वीडियो-
रायटर्स की खबर के मुताबिक, वाशिंगटन डीसी पुलिस प्रमुख ने इस बात की पुष्टि की कि एक नागरिक को गोली लगी है और कई अधिकारी घायल हुए हैं।
हिंसा के बीच ट्विटर ने ट्रंप के वीडियो ट्वीट को रोक दिया है। ट्विटर ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि चुनाव को धोखेबाजी बताया गया है और इस ट्वीट को रीट्वीट या लाइक नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे हिंसा बढ़ने का खतरा है।
कैपिटल में राष्ट्रपति ट्रंप ने समर्थकों से कहा, चुनाव में जीत हमसे छीन ली गई। वो स्पष्ट नतीजे वाला चुनाव था और हर कोई इसे जानता है खास तौर पर दूसरा पक्ष। अब आपको घर चले जाना चाहिए। हमें शांति बनाए रखनी चाहिए। हमें कानून का पालन करना होगा। हम किसी को चोट नहीं पहुंचाना चाहते हैं।
सीएनएन के मुताबिक, यूएस कैपिटल के पास स्मोक ग्रेनेड के साथ सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस भीड़ को हटाने की कोशिश में जुटी है।
बाइडन ने कहा, इस समय हमारा लोकतंत्र हमले झेल रहा है। आधुनिक दौर में हमने ऐसा कभी नहीं देखा। ये हमला है आजादी पर, कैपिटल पर। जनता के प्रतिनिधियों पर हमला है और कैपिटल पुलिस पर भी हमला है जिन्होंने उनकी सुरक्षा की शपथ ली है।
सीएनएन के मुताबिक, एक महिला के सीने में गोली लगी है और उसकी हालत गंभीर है।
सीएनएन के मुताबिक, ट्रंप समर्थकों के साथ झड़प में कई पुलिस अधिकारियों के घायल होने की खबर है। एक अधिकारी को अस्पताल भी ले जाया गया है।
नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अपील करता हूं कि वह नेशनल टेलीविजन पर आएं और संविधान की रक्षा की शपथ को पूरा करें। मैं उनसे इस स्थिति को खत्म करने की अपील करता हूं।
ट्रंप समर्थकों के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा विभाग द्वारा डीसी नेशनल गार्ड को सक्रिय कर दिया गया है।
अमेरिकी सासंद इलेन लूरिया ने कहा, मैंने अपना दफ्तर खाली कर दिया है क्योंकि मैंने अभी पाइप बम की आवाज सुनी है। मैंने गोलियों की आवाजें भी सुनी हैं।
कैपिटल बिल्डिंग के बाहर ट्रंप समर्थकों ने इस तरह प्रदर्शन किया। जो बाइडन को जीत के सर्टीफिकेट पर बहस के बाद प्रदर्शन शुरू हुआ।
यूएस सीनेटर परिसर से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया है। एक अधिकारी ने सीएनएन से कहा कि इन्हें परिसर से हटाकर दूसरी ओर रोटुंगा की तरफ भेज दिया गया है। इन्हें कैपिटल बिल्डिंग से दूर किया जा रहा है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले ट्रंप अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, हम चुनाव जीत गए हैं। हम कभी हार नहीं मानेंगे। उन्होंने ‘सेव अमेरिका’ मार्च का आह्वान किया, जिस पर बड़ी संख्या में ट्रंप समर्थक कैपिटल हिल पहुंच गए और अंदर घुसने के लिए हंगामा शुरू कर दिया।
भाषण के बाद ट्रंप वाइट हाउस चले गए। वहीं, उनके समर्थक कैपिटल बिल्डिंग पहुंच गए। यहां उनकी सुरक्षाबलों से जमकर झड़प हुई। ट्रंप समर्थक चार स्तरीय सुरक्षा घेरे को तोड़कर आगे बढ़े। यहां उनकी पुलिस से भिड़ंत भी हुई। भीड़ और पुलिस ने एक-दूसरे पर स्प्रे भी छोड़ा। भीड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वाशिंगटन मान्यूमेंट से कैपिटल बिल्डिंग तक ट्रंप समर्थक सड़क पर थे।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर अंतिम मुहर लगने से पहले तक डोनाल्ड ट्रंप हार स्वीकार करने को राजी नहीं हैं। नए राष्ट्रपति के निर्वाचन को मंजूरी देने के लिए वाशिंगटन में होने वाली अमेरिकी संसद (कांग्रेस) की बैठक से पूर्व ट्रंप ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए शक्ति प्रदर्शन कर दबाव बनाते दिखे। ट्रंप के आह्वान पर उनके सैकड़ों समर्थक जबरन कैपिटल बिल्डिंग तक पहुंच गए और सीढ़ियों पर कब्जा कर लिया।
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