लीबिया के सरकारी नजरबंदी केंद्र में ठहरी प्रवासी किशोरियों ने सुरक्षाकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। यूरोप जाने के प्रयास में मानव तस्करों के चंगुल में फंसी इन किशोरियों को अलग-अलग समय पर लीबियाई सेना ने छुड़ाया है।
मानव तस्करों से छूटी नाबालिगों ने लगाए गंभीर आरोप
इस साल फरवरी में आजाद होकर त्रिपोली स्थित शारा अल-जविया केंद्र में आई एक 17 वर्षीय सोमालियाई लड़की ने बताया है कि अप्रैल माह में सुरक्षाकर्मी ने उससे दुष्कर्म किया था। उसने दूसरी किशोरियों से साझा की तो उन्होंने भी अपनी दास्तान उजागर की।
उनका कहना है पहले तस्करों ने 2 साल तक यौन उत्पीड़न किया, अब सैन्यकर्मी भी वही कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टॉयलेट करने से लेकर घरवालों से फोन पर बात कराने के बदले इज्जत पर हाथ डालते हैं।
आरोप लगाने वाली चार सोमालियाई लड़कियों ने शारा अल-जविया ने केंद्र से रिहाई की मांग की है। यह केंद्र यूरोपीय संघ की मदद से लीबिया के अवैध अप्रवासन रोधी विभाग (डीसीआईएम) द्वारा संचालित हो रहा है।