लेबनान के विदेश मंत्री नसीफ हित्ती ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। देश में चल रहे गंभीर आर्थिक संकट के बीच हित्ती पहले मंत्री हैं जिन्होंने इस्तीफा दिया है। हित्ती ने बिना कोई टिप्पणी किए सरकारी आवास खाली कर दिया। राजनयिक से अपना करियर शुरू करने वाले हित्ती प्रधानमंत्री हसन दियाब सरकार में इसी साल जनवरी में विदेश मंत्री बने थे।
लेबनान में 20 घंटे तक बिजली कटौती, सड़कों पर कूड़े के ढेर, कमजोर आधारभूत संरचना और एक के बाद एक आई आपदा के मद्देनजर विश्लेषकों की राय है कि यह देश दिवालिया होने की तरफ बढ़ रहा है। इस संकट से लेबनान के बिखरने का खतरा बढ़ गया है जो अरब में विविधता और मेलमिलाप के आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित है और इसके साथ ही अराजकता फैल सकती है।
दुनिया में सबसे अधिक सार्वजनिक कर्ज के बावजूद लेबनान कई साल से दिवालिया होने से बचा रहा। स्टडीज एट कार्नेज इंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के उपाध्यक्ष मरवान मुआशेर ने कहा, ‘लेबनान में एक समस्या यह है कि यहां भ्रष्टाचार का लोकतांत्रिकीकरण हुआ है। यह केंद्र में बैठे एक व्यक्ति के साथ ही नहीं है, यह हर जगह है।’
उल्लेखनीय है कि लेबनान में परेशानी साल 2019 के आखिर में तब बढ़ी जब सरकार ने व्हाट्सएप मैसेज पर टैक्स लगाने की इच्छा जताई थी। असे लेकर पूरे देश में भारी प्रदर्शन शुरू हो गए थे। माना जा रहा है कि अपने नेताओं से परेशान लोगों के खिलाफ खुलकर सामने आने के लिए इसने आग में घी का काम किया।