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West Asia Conflict: लेबनान-इस्राइल वार्ता में रुबियो भी होंगे; हिजबुल्ला की दो-टूक- हम समझौते से बंधे नहीं

Tue, 14 Apr 2026 03:08 PM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिका में लेबनान-इस्राइल के बीच होने वाली ऐतिहासिक वार्ता से पहले हिजबुल्ला ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी समझौते को नहीं मानेगा। संगठन के नेता वफीक सफा ने कहा कि इन बातचीत के नतीजों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
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पश्चिम एशिया तनाव - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अमेरिका में लेबनान और इस्राइल के बीच प्रस्तावित प्रत्यक्ष वार्ता से पहले हिजबुल्ला ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के वरिष्ठ नेता वफीक सफा ने साफ कहा है कि इन वार्ताओं से जो भी समझौता होगा, वह हिजबुल्ला पर लागू नहीं होगा और संगठन खुद को उससे बाध्य नहीं मानता।

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सफा ने एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि इन बातचीत के नतीजों में हमारी कोई दिलचस्पी नहीं है और हम उनसे बंधे नहीं हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब दशकों बाद पहली बार लेबनान और इस्राइल के प्रतिनिधि आमने-सामने बातचीत करने जा रहे हैं।

संवेदनशील समय में ऐतिहासिक बातचीत

वॉशिंगटन में होने वाली इस बैठक में दोनों देशों के राजदूत हिस्सा लेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इसमें शामिल होंगे। इन वार्ताओं का उद्देश्य इस्राइल-हिजबुल्ला संघर्ष के बीच संभावित युद्धविराम का रास्ता तलाशना है।

हालांकि, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनका लक्ष्य हिजबुल्ला का निरस्त्रीकरण है और किसी स्थायी शांति समझौते की दिशा में बढ़ना है। वहीं हिजबुल्ला इस पूरी प्रक्रिया का विरोध कर रहा है।

जारी है तबाही

इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच हालिया संघर्ष में लेबनान को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं और 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें महिलाएं, बच्चे और स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं। इस्राइल ने हाल ही में बेरूत सहित कई इलाकों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जबकि हिजबुल्ला ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइलें दागीं।

काले बुधवार पर विवाद

इस्राइल का दावा है कि हालिया हमलों में 250 से ज्यादा हिजबुल्ला लड़ाके मारे गए, लेकिन सफा ने इसे खारिज करते हुए कहा कि बेरूत में मारे गए सभी लोग आम नागरिक थे।

लेबनान सरकार से भी तनाव

इस बीच हिजबुल्ला और लेबनान सरकार के बीच भी रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। सरकार ने संगठन के सशस्त्र विंग को अवैध घोषित कर दिया है और देश में गैर-सरकारी हथियारों को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू की है।

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सफा ने कहा कि यदि युद्धविराम होता है और इस्राइली सेना पीछे हटती है, तो हिजबुल्ला अपने हथियारों के मुद्दे पर लेबनानी सरकार से बातचीत करने को तैयार है, लेकिन यह पूरी तरह लेबनान का आंतरिक मामला होगा।
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