इस्राइली सेना की ओर गाजा में तेज हमले जारी हैं। ऐसे में भारी तबाही और जान-माल के नुकसान से चिंतित कई इस्लामी देशों ने अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक से इतर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की योजना बनाई है। इन देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन, तुर्किये, इंडोनेशिया और पाकिस्तान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान ट्रंप इन इस्लामी देशों के नेताओं और अधिकारियों को गाजा में युद्ध को समाप्त करने की अमेरिका की योजना के बारे में जानकारी देंगे।
'एक्सिओस' की एक रिपोर्ट में दो अमेरिकी और दो अरब अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप मंगलवार को अरब और इस्लामी देशों के नेताओं के एक समूह से मुलाकात करेंगे। गाजा में स्थायी युद्ध विराम किसका शासन हो, इसके बारे में योजना से अवगत कराएंगे। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप यूएनजीए में अपने भाषण में गाजा को लेकर प्रस्तावों पर भी बात करेंगे या नहीं। उनका यह भाषण इस्लामी देशों के नेताओं से मुलाकात से पहले होगा।
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क्या है ट्रंप का तीन सूत्रीय प्लान?
रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप की योजना में तीन प्रमुख बातें हैं। इनमें पहला बंधकों की रिहाई, दूसरा गाजा से इस्राइली सेना की वापसी पर बातचीत और युद्ध के बाद गाजा में ऐसा शासन स्थापित करना है, जिसमें हमास की कोई भूमिका न हो। हमास-इस्राइल के बीच युद्ध खत्म करने के लिए इसे अब तक का सबसे ठोस प्रस्ताव माना जा रहा है।
इसमें आगे यह भी बताया गया है कि अमेरिका चाहता है कि अरब और मुस्लिम देश गाजा में अपने सैनिक भेजने पर राजी हों। इससे इस्राइल पर गाजा से पीछे हटने का दबाव बन सकेगा और वहां फिर से बसावट और निर्माण का काम शुरू किया जा सकेगा। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने सोमवार को कहा कि उनका देश गाजा में शांति सेना के लिए सैनिक भेजने के लिए तैयार है। ट्रंप चाहते हैं कि इस्राइल गाजा से पीछे हटे और वहां एक अलग इलाका (एनक्लेव) बनाया जाए। इस योजना में वह चाहते हैं कि अरब और इस्लामी देशों से पैसा भी आए।
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उधर, इस्राइल लगातार अपने हमलों की तीव्रता बढ़ा रहा है। जबकि न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में द्वि-राष्ट्र समाधान के समर्थन में फ्रांस, ब्रिटेन सहति कई यूरोपीय देश एक हो चुके हैं। वहीं, गाजा में जनसंहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं के बावजूद इस्राइल की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ग्रेटर इस्राइल की अपनी परिकल्पना को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ते दिख रहे हैं।