अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके व्यापार में चल रही एक आपराधिक जांच के संबंध में उनके टैक्स रिटर्न की जानकारी मैनहट्टन के शीर्ष प्रॉसीक्यूटर को देने या न देने के मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान फेडरल अपील कोर्ट ने ट्रंप के वकील से कई कड़े सवाल पूछे।
ट्रंप के वकील विलिय कॉन्सोवॉय ने दूसरी यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स को बताया कि मैनहट्टन जिला अटॉर्नी सायरल वांस की ओर से डोनाल्ड ट्रंप को सपीना (उपस्थिति का आदेश) जारी करना गलत था। उन्होंने कहा कि यह उनका उत्पीड़न करने के गलत इरादे के साथ भेजा गया था।
फेडरल अपील अदालत में सुनवाई के दौरान तीन जजों के पैनल ने ट्रंप के वकील कॉन्सोवॉय से सवाल किया कि क्या इस मामले में डोनाल्ड ट्रंप विशेषाधिकार की मांग कर रहे थे, क्योंकि वह राष्ट्रपति हैं। इसके साथ ही अदालत ने सवाल पूछा कि क्या वह किसी भी समन को स्वीकार कर पाएंगे।
पैनल में शामिल न्यायाधीश रेमंड लोहियर के एक सवाल के जवाब में कॉन्सोवॉय ऐसी परिस्थिति पेश नहीं कर पाए जहां वह टैक्स रिटर्न के दस्तावेजों के लिए किए जा रहे किसी भी अनुरोध को बहुत बड़ी समस्या या गलती की तरह नहीं देखेंगे। इस पर लोहियर ने कहा कि यहीं पर समस्या है।