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Bangladesh: कानून सलाहकार बोले- शेख हसीना का प्रत्यर्पण जरूरी, भारत इनकार करता है तो बांग्लादेश करेगा विरोध

Sat, 19 Oct 2024 01:26 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

कानून सलाहकार आसिफ नजरूल ने यह टिप्पणी बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा बृहस्पतिवार को शेख हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के कुछ घंटे बाद की। न्यायाधिकरण ने अधिकारियों को हसीना और उनके साथ 45 अन्य आरोपियों को 18 नवंबर तक अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में एक शीर्ष सलाहकार ने कहा है कि अगर भारत प्रत्यर्पण संधि में किसी भी प्रावधान का हवाला देकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण से इनकार करता है, तो बांग्लादेश इसका मजबूती से विरोध करेगा।

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कानून सलाहकार आसिफ नजरूल ने यह टिप्पणी बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा बृहस्पतिवार को शेख हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के कुछ घंटे बाद की। न्यायाधिकरण ने अधिकारियों को हसीना और उनके साथ 45 अन्य आरोपियों को 18 नवंबर तक अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

आसिफ ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि भारत प्रत्यर्पण संधि का ईमानदारी से व्याख्या करने पर हसीना को बांग्लादेश वापस लौटाने के लिए बाध्य है। बांग्लादेश और भारत के बीच पहले से ही एक प्रत्यर्पण संधि है।
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विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में कहा कि हसीना सुरक्षा कारणों से भारत आई थीं और वह अभी भी यहीं हैं। 77 वर्षीय हसीना 5 अगस्त को दिल्ली के हिंडन एयरबेस पर पहुंची थीं, जब सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शनों के बाद उनकी सरकार गिर गई थी।

ऐसा माना जाता है कि उन्हें बाद में एक अनिर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया था, और तब से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।

आसिफ ने पिछले महीने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा था कि मुकदमा प्रक्रिया शुरू होने के बाद बांग्लादेश हसीना के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध करेगा।

ढाका न्यायाधिकरण ने बृहस्पतिवार को विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन के हवाले से कहा कि अंतरिम सरकार आवश्यक कदम उठाएगी और हसीना को वापस लाने की कोशिश करेगी, क्योंकि आईसीटी ने उनके और अवामी लीग के शीर्ष नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

इस बीच, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता और हसीना के कट्टर प्रतिद्वंदी एडवोकेट रुहुल कबीर रिजवी ने कहा कि हसीना को शरण देना एक हत्यारे और अपराधी को आश्रय देने के समान है। हमें उन्हें कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से वापस लाना होगा।
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हसीना पर लगभग 200 मामले हैं, जिनमें से ज्यादातर छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान हत्याएं हैं।

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