इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि सोमवार को हुई बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं। इसके चलते मध्य जावा द्वीप के पेकलोंगान क्षेत्र के नौ गांवों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा पहाड़ी बस्तियों में कीचड़, चट्टानें और पेड़ गिर गए। बचावकर्मियों ने 16 लोगों के शव निकाले। जबकि नौ ग्रामीणों की तलाश कर रहे हैं।
इंडोनेशिया के जावा द्वीप के पहाड़ी गांवों में अचानक भूस्खलन और बाढ़ ने तबाही मचाई। आपदा में 16 लोगों की मौत हो गई। इंडोनेशियाई बचावकर्मियों ने इन लोगों के शव कीचड़ और चट्टानों के नीचे से बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि नौ लोग लापता हैं। उनकी तलाश जारी है।
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इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख बर्गास कैटुरसासी ने बताया कि सोमवार को हुई बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं। इसके चलते मध्य जावा प्रांत के पेकलोंगान क्षेत्र के नौ गांवों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा पहाड़ी बस्तियों में कीचड़, चट्टानें और पेड़ गिर गए।
आपदा के बाद बचावकर्मियों ने तत्काल प्रक्रिया की। उन्होंने पेटुंगक्रीयोनो गांव से कम से कम 16 लोगों के शव निकाले। जबकि बचावकर्मी नौ ग्रामीणों की तलाश कर रहे हैं। कैटुरसरी ने बताया कि दस घायल लोगों को अस्पतालों में ले जाया गया है। दरअसल इंडोनेशिया में अक्तूबर से मार्च तक मौसमी बारिश होती है। इसके चलते अक्सर बाढ़ और भूस्खलन होता है। इंडोनेशिया में 17 हजार द्वीप हैं। यहां लाखों लोग पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैं।
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जुलाई 2024 में सोने की खदान में हुआ था भूस्खलन
जुलाई 2024 में इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर मूसलाधार बारिश की वजह से एक अवैध सोने की खदान में भूस्खलन हो गया था। भूस्खलन की वजह से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 18 लोगों का कुछ पता नहीं लगा। भूस्खलन से कुछ घर भी तबाह हो गए। इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी (बीएनपीबी) ने कहा था कि भूस्खलन से कई घर और एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया है।
इससे पहले दक्षिण सुलावेसी में अप्रैल में एक भूस्खलन में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना भी भारी बारिश के चलते ही हुई थी। वहीं, इंडोनेशिया के पश्चिम सुमात्रा प्रांत में मई में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ और मिट्टी खिसकने से 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।