एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म के अनुसार, शुक्रवार को पाकिस्तान का लाहौर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। यहां हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक पहुंच गई और एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 410 के स्तर को छू गया।
एक्यूआई मापने का क्या पैमाना?
एक्यूआई वायु प्रदूषण को मापने का एक पैमाना है। इसमें जितना अधिक मान (वैल्यू) होता है, हवा की गुणवत्ता उतनी ही खराब होती है और स्वास्थ्य के लिए उतना ही अधिक खतरा होता है। स्विस मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म 'IQAir' के पैमाने के अनुसार, 300 से ऊपर की रीडिंग को खतरनाक माना जाता है।
रिपोर्ट में क्या बताया गया?
एक्यूआई एयर की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लाहौर में PM2.5 प्रदूषकों की मात्रा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के वार्षिक दिशानिर्देशों में तय सीमा से 45.2 गुना अधिक थी। PM2.5 हवा में मौजूद बहुत बारीक कण होते हैं, जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। ये कण फेफड़ों में गहराई तक जा सकते हैं और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
भारत के कौन- से शहर शामिल?
इस रिपोर्ट में टॉप 10 में भारत के तीन शहर शामिल हैं। चौथे नंबर पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता है। वहीं, पांचवे पर देश की राजधानी नई दिल्ली है। वहीं, छठे नंबर पर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई हैं।
प्रांतीय सरकार के अनुसार, हर साल - खासकर अक्तूबर से फरवरी के बीच - लाहौर और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अन्य हिस्सों में स्मॉग (धुएं और कोहरे का मिश्रण) की समस्या देखने को मिलती है। हाल के वर्षों में, बिगड़ता वायु प्रदूषण इस प्रांत में सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों और वायु गुणवत्ता से जुड़े अधिकारियों ने लोगों से बार-बार अपील की है कि वे गंभीर स्मॉग के दौरान सावधानी बरतें।
एक्यूआई एयर ने क्या सलाह दी?
एक्यूआई एयर की सलाह है कि लोग बाहर व्यायाम करने से बचें, प्रदूषित हवा को अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियां बंद रखें, बाहर जाते समय सुरक्षात्मक मास्क पहनें और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
लाहौर में बार-बार आने वाले खतरनाक स्मॉग ने यह साफ कर दिया है कि प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों को नियंत्रित करने, हवा की गुणवत्ता की निगरानी में सुधार करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए और अधिक ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।