बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले, शनिवार को एक नई पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले चुनावी गठबंधन में शामिल हुई है। बता दें कि एक इस्लामी पार्टी की तरफ से गठबंधन से अलग होने की घोषणा के एक सप्ताह बाद, बांग्लादेश लेबर पार्टी के शामिल होने से गठबंधन में एक बार फिर 11 सहयोगी दल हो गए हैं। बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी देश की सबसे बड़ी इस्लामी राजनीतिक पार्टी है।
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ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एलान
शनिवार को ढाका में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश लेबर पार्टी (बीएलपी) के अध्यक्ष मुस्तफिजुर रहमान ईरान और जमात-ए-इस्लामी के सहायक महासचिव तथा नेशनल इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी के संयोजक मौलाना एटीएम मसूम ने एलान किया कि बांग्लादेश लेबर पार्टी अब जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो गई है। यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संगबाद संगस्था (बीएसएस) ने दी। मौलाना मसूम ने कहा कि लेबर पार्टी को गठबंधन में शामिल करने का फैसला 10 पार्टियों के केंद्रीय नेताओं से चर्चा के बाद लिया गया। बांग्ला अखबार प्रथम आलो ने उनके हवाले से यह बात प्रकाशित की।
लेबर पार्टी के अध्यक्ष मुस्तफिजुर रहमान ईरान ने कहा कि देश को सिर्फ सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि राज्य व्यवस्था में एक सार्थक और गहरे बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में बांग्लादेश को नई सोच और नई दिशा की जरूरत है। लेबर पार्टी के शामिल होने के बाद यह गठबंधन फिर से 11 दलों का हो गया है। अब इसमें ये पार्टियां शामिल हैं-
1. बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी
2. बांग्लादेश खेलाफत मजलिस
3. खेलाफत मजलिस
4. बांग्लादेश खेलाफत आंदोलन
5. बांग्लादेश नेजाम-ए-इस्लाम पार्टी
6. बांग्लादेश डेवलपमेंट पार्टी
7. जातीय गणतांत्रिक पार्टी (एनडीपी)
8. नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी)
9. लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी)
10. एबी पार्टी
11. बांग्लादेश लेबर पार्टी
हालांकि इससे पहले, 16 जनवरी को इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश (जिसे इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश या इस्लामी आंदोलोन बांग्लादेश भी कहा जाता है) ने इस गठबंधन से बाहर होने की घोषणा कर दी थी। पार्टी के शीर्ष नेता गाजी अताउर रहमान ने आरोप लगाया था कि सीट बंटवारे में उनके साथ न्याय नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि जमात के नेतृत्व वाला गठबंधन इस्लामी आदर्शों से भटक गया है, इसलिए उनकी पार्टी ने अलग होने का फैसला लिया।
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बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव
देश की राजनीति में इस समय बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। अंतरिम सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को भंग किए जाने के बाद, खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सबसे मजबूत और आगे चलने वाली पार्टी बनकर उभरी है। इन हालात में इस्लामी राजनीतिक दलों ने अपने समर्थकों के वोट को एकजुट करने के लिए एक 'ग्रैंड अलायंस' बनाया है। इस गठबंधन का मकसद है कि सभी दल मिलकर 'वन बॉक्स पॉलिसी' यानी एक ही चुनाव चिह्न या एकजुट रणनीति के तहत चुनाव लड़ें, ताकि वोट बंटने से बचा जा सके। भले ही इन पार्टियों के बीच वैचारिक मतभेद हों, लेकिन सत्ता में प्रभाव बढ़ाने के लिए वे एक साथ आने की कोशिश कर रही हैं।
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