कुवैत की छह मंजिला इमारत में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को जान बचाने का मौका तक न मिला। कुवैत टाइम्स ने दमकल कर्मियों के हवाले से बताया कि इमारत के भूतल पर बने रसोई घर में बुधवार सुबह करीब 6 बजे अचानक सिलेंडर फटने से आग लगी। कुवैत फायर डिपार्टमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल अली ने एक भारतीय मीडिया समूह को बताया, इमारत में 160 से ज्यादा मजदूर थे और ज्यादातर भारतीय थे। कुछ पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मजदूरों के भी रहने की पुष्टि हुई है। सभी एक ही कंपनी के लिए काम करते थे। अली ने कहा, आग बहुत तेजी से फैली। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। कई लोगों को इमरजेंसी सर्विस के जरिये निकाला गया। हादसे में 30 से ज्यादा जख्मी हैं।
कुवैत के गृह मंत्री शेख फहद ने कहा, जो हुआ वह कंपनी और भवन मालिकों के लालच का परिणाम है। उन्होंने इमारतों में जानवरों की तरह श्रमिकों को ठूंसने के मामले में कुवैत नगर पालिका और स्थानीय सार्वजनिक प्राधिकरण को तत्काल कार्रवाई के लिए कहा। उन्होंने इस तरह की घटनाओं के रोकथाम के लिए सभी सुरक्षा आवश्यकताएं लागू करने के निर्देश भी दिए।
विदेश मंत्री जयशंकर, राहुल गांधी ने जताया शोक
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। जो भी घायल हैं उनके जल्द से जल्द पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूं। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि इस भयावह खबर से स्तब्ध हूं। वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर कुवैत घटना में केंद्र के दखल की मांग की।
कुवैत में 21 फीसदी भारतीय
- कुवैत खाड़ी के उन देशों में है, जहां भारतीयों की संख्या आबादी की करीब 21 फीसदी है।
- करीब 10 लाख भारतीय कुवैत में नीचे से लेकर शीर्ष तक के पदों पर काम करते हैं।
- 42 लाख लोगों का देश कुवैत, अमेरिकी राज्य न्यूजर्सी से थोड़ा छोटा है, लेकिन यहां दुनिया का छठा सबसे बड़ा ज्ञात तेल भंडार है। श्रम बल में भारतीयों की हिस्सेदारी 30 फीसदी है।