कुवैत ने 10 और अमेरिकी बंदियों को रिहा कर दिया है। मार्च से अब तक पिछले दो महीनों में कुवैत से रिहा किए जाने वाले बंदियों की संख्या 23 हो गई है। यह रिहाई ट्रंप प्रशासन में बंधक मामलों के दूत एडम बोहलर की कुवैत दौरे के कुछ हफ्ते बाद की गई। इससे पहले कुवैत ने 12 मार्च को 10 अमेरिकियों को रिहा किया था।
कुवैत ने 10 और अमेरिकी बंदियों को रिहा कर दिया है। इसके साथ ही पिछले दो महीनों में रिहा किए गए अमेरिकी बंदियों की संख्या कुल 23 हो गई है। बंदियों की रिहाई के बारे में अमेरिकी अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि रिहा किए गए लोगों में से कई लोग अमेरिकी फौज के लिए काम करने वाले ठेकेदार और पूर्व सैनिक हैं। इन्हें कुवैत ने ड्रग्स और अन्य अपराधों के आरोप में पकड़ा था।
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इससे पहले 12 मार्च को भी 10 अमेरिकियों को रिहा किया गया था। यह रिहाई ट्रंप प्रशासन में बंधक मामलों के दूत एडम बोहलर की कुवैत दौरे के कुछ हफ्ते बाद की गई। बोहलर ने कहा, 'जब हम कुवैत गए और वहां के अधिकारियों से मिले, तो उन्होंने कहा कि पहले कभी किसी ने अमेरिकियों को रिहा करने के लिए इतनी कोशिश नहीं की थी।' उन्होंने कहा कि रिहाई किसी अदला-बदली के हिस्से के रूप में नहीं की गई। न ही बदले में अमेरिका से कुछ भी देने के लिए कहा गया।
कुवैत ने रिहाई का काम दोस्ती और सहयोग की भावना से किया: बोहलर
बोहलर ने आगे कहा कि कुवैत ने यह काम दोस्ती और सहयोग की भावना से किया है। वे जानते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए अपने नागरिकों को घर वापस लाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'मैं इसका श्रेय कुवैती समझ को देता हूं। वे जानते हैं कि ये चीजें राष्ट्रपति के लिए महत्वपूर्ण हैं।'
अपनी बेगुनाही पर कायम हैं अमेरिकी; फ्रैंक्स
अमेरिकी बंधकों और बंदियों से जुड़े मामलों पर काम करने वाले एक निजी सलाहकार जोनाथन फ्रैंक्स ने कहा कि ये सभी अमेरिकी अपनी बेगुनाही पर कायम हैं। इन पर जो आरोप लगे, वे अरबी भाषा में लिए गए बयानों पर आधारित थे, जिनका अनुवाद भी नहीं हुआ। उन्होंने रिहाई के लिए बातचीत करने की कोशिश में देश में कई सप्ताह बिताए।
कुवैत में तैनात हैं 13500 अमेरिकी सैनिक
कुवैत को अमेरिका का एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी माना जाता है। 1991 के खाड़ी युद्ध में अमेरिका ने कुवैत की मदद की थी, जब इराकी नेता सद्दाम हुसैन ने कुवैत पर आक्रमण किया था। इसके बाद से अमेरिका और कुवैत के बीच घनिष्ठ सैन्य साझेदारी रही है। आज भी कुवैत में कैंप आरिफजान और अली अल-सलेम एयरबेस में लगभग 13,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।