दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के प्रमुख अबु बकर अल-बगदादी के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए अमेरिका को काफी मेहनत करनी पड़ी। बगदादी की जानकारी लेने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी (सीआईए) ने कुर्द लड़ाकों के संगठन सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) से हाथ मिलाया था।
एसडीएफ का एक जासूस सावधानी से बारिशा में उस घर पर पहुंचा जहां बगदादी रहता था। जासूस ने बगदादी के अंडरवियर वहां से चुराकर सीआईए को लाकर दिए। अंडरवियर से मिले सैंपल से डीएनए टेस्ट किया गया। डीएनए में साफ हो गया कि वहां मौजूद शख्स आतंकवादी बगदादी ही है।
इसके बाद अमेरिका ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। एसडीएफ के वरिष्ठ सलाहकार पोलट कैन ने ऑपरेशन के बारे में ट्वीट करते हुए लिखा, 15 मई से ही हम बगदादी के ठिकाने पर नजर रख रहे थे और उसकी खोज कर रहे थे।
पोलट कैन ने कहा कि बगदादी हमले के खौफ से लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था, इस बार भी वो अपना ठिकाना बदलने ही वाला था। हमारा एक जासूस उस घर में पहुंचा जहां बगदादी रहता था। उसने बगदादी के कुछ अंडरवियर को वहां से चुरा लिया। इसके बाद इस अंडरवियर के सैंपल से डीएनए टेस्ट किया गया और ये सुनिश्चित किया गया कि वह शख्स बगदादी ही है।
आईएस के खात्मे तक जारी रहेगा अभियान: अमेरिका
इस्लामिक स्टेट (आईएस) के सरगना अबू बकर अल-बगदादी के मारे जाने के बाद भी अमेरिका में सीरिया में इस आतंकवादी संगठन के खिलाफ अभियान जारी रखेगा। अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा कि सीरिया में 2014 से चल रहा आईएस को शिकस्त देने का अमेरिकी अभियान जारी रहेगा। अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मार्क मिले के साथ एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए एस्पर ने कहा, ‘हमने पश्चिम एशिया में अपने इतिहास से सबक लिया है कि अगर उद्देश्य साफ नहीं हो तो संघर्ष में उलझे रहना आसान है।
एक पुलिस बल की तरह हर छोटा विवाद सुलझाना हमारी प्राथमिकता नहीं है। आईएस के खिलाफ 2014 में शुरू किया गया हमारा अभियान जारी रहेगा और हम इस आतंकवादी संगठन को हराकर रहेंगे।’ पिछले सप्ताह रविवार को अमेरिका की डेल्टा टीम ने उत्तर पश्चिम सीरिया में इदलिब के गांव में छिपे दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादी बगदादी को विशेष सैन्य अभियान में मार गिराया था।