6. हर जगह की तरह इंटरनेट की उड़ान
रूस के इंटरनेट के अपने दिग्गज हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीके सबसे ज्यादा यूजर्स वाली साइट है जिसके फेसबुक के दो करोड़ यूजर्स के मुकाबले 9 करोड़ यूजर्स हैं। इसके बाद सर्च इंजन यैंडेक्स का नाम आता है। रूसी भाषा में होने के कारण इससे गूगल सर्च में फायदा मिलता है।
7. सर्कस में आई गिरावट
मोस्को स्टेट सर्कस की तरह रूसी सर्कस के 60 से ज्यादा स्थायी स्थान राष्ट्रीय संस्थान है। लेकिन, इन्हें सर्क्यू दु सोलेल जैसे पश्चिमी प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी चुनौती मिल रही है। और 2010 से सर्कस देखने वालों की संख्या भी 60 प्रतिशत तक कम हुई है। हालांकि, इस कमी का एक कारण नहीं है। पसंद में बदलाव, प्रतिस्पर्धियों की तरफ आकर्षण और इंटरनेट का विकास ये सभी महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं।
8. रूस की बढ़ती जनसंख्या
राष्ट्रपति पुतिन का एक बड़ा लक्ष्य आबादी में आई गिरावट को कम करना है जो 1991 में साम्यवाद की समाप्ति के आसपास शुरू हुआ था। 2012 में राष्ट्रपति बनने से पहले पुतिन ने जन्म दर बढ़ाने के लिए करीब 34 खरब रुपये खर्च करने का प्रस्ताव किया था। इत्तेफाक से साल 2012 में रूस में मृत्य दर के मुकाबले जन्म दर बढ़ गई। जब यह 2017 में कम हुई तो पुतिन के विरोधियों को उन पर हमला करने का मौका मिल गया। उन्होंने साल 2016-2017 के बीच 10.6 प्रतिशत की कमी का उदाहरण दिया।
9. पब्लिक लाइब्रेरी
अन्य जगहों की तरह वेबसाइट्स के आने से लाइब्रेरी की तरफ लोगों की रूचि कम हुई है।
- पुतिन का सेना पर सबसे अधिक खर्च
एक मजबूत
सैन्य शक्ति रूस की हमेशा से पहचान रही है, लेकिन शीत युद्ध के दौरान जब सोवियत यूनियन ने अपनी सेना को अमरीका के बराबर करने की कोशिश की तो उसका बहुत पैसा उसमें खर्च हो गया और वह एक तरह से दीवालया होने की कगार पर आ खड़ा हुआ। सोवियत यूनियन के बिखराव ने सशस्त्र बलों की स्थिति खराब कर दी क्योंकि सेना के बजट में भी कटौती करनी पड़ी थी। कई उपकरणों और हथियारों में भी गड़बड़ियां हो गईं जिस वजह से सेना का मनोबल भी टूट गया।
व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सेना को दोबारा खड़ा किया और रूस को एक आधुनिक सैन्य ताकत के रूप में नई पहचान दिलाई। सेना के आधुनिकीकरण की बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जीडीपी में उसका हिस्सा लगभग दोगुना हो चुका है। और पुतिन के कार्यकाल के दौरान रूस की सेना ने चेचन्या, जॉर्जिया, पूर्वी यूक्रेन और हाल ही में सीरिया में अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है।