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Hussein Salami: कौन हैं ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स प्रमुख हुसैन सलामी; जिनकी इस्राइली हमले में मौत हुई, जानें

Fri, 13 Jun 2025 09:43 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

इस्राइली हमले में मारे गए ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स कमांडर हुसैन सलामी का जन्म 1960 में हुआ था। वह ईरान के इस्फहान शहर में जन्मे थे। उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) के दौरान IRGC में शामिल हुए। युद्ध के अनुभव ने उन्हें तेजी से सैन्य नेतृत्व की ऊंचाई पर पहुंचाया।
 
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हुसैन सलामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इस्राइली हमले में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर हुसैन सलामी की मौत की पुष्टि ईरान की सरकारी मीडिया ने की है। वह इस्राइल द्वारा IRGC मुख्यालय पर किए गए हमले में मारे गए। वह ईरान के सबसे प्रभावशाली सैन्य अधिकारियों में से एक थे और 2019 से IRGC के प्रमुख पद पर थे। उन्हें कट्टर और आक्रामक रणनीति के लिए जाना जाता था। 

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ईरान का रिवॉल्यूशनरी गार्ड देश के भीतर मुख्य शक्ति केंद्रों में से एक है। यह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों के शस्त्रागार को भी नियंत्रित करता है। इस्राइल का मानना है कि IDF के ईरान पर किए गए शुरुआती हमलों में सलामी के अलावा, ईरान के सैन्य प्रमुख मोहम्मद बाघेरी, सेना के शीर्ष अधिकारियों के अन्य सदस्य और वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए।

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ईरान-इराक युद्ध के दौरान IRGC में शामिल हुए सलामी
हुसैन सलामी का जन्म 1960 में ईरान के इस्फहान शहर में हुआ था। उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) के दौरान IRGC में शामिल हुए। युद्ध के अनुभव ने उन्हें तेजी से सैन्य नेतृत्व की ऊंचाई पर पहुंचाया।
 

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हुसैन सलामी - फोटो : अमर उजाला
अमेरिका-इस्राइल और पश्चिमी देशों के खिलाफ कड़े बयानों के चलते सुर्खियों में रहे
हुसैन सलामी लंबे समय से अमेरिका, इस्राइल और पश्चिमी देशों के खिलाफ कड़े बयानों के चलते सुर्खियों में रहे। वे ईरान की मिसाइल नीति और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों में भी अहम भूमिका निभाते थे, खासतौर पर सीरिया, इराक, लेबनान और यमन जैसे देशों में ईरान के प्रभाव को मजबूत करने में।





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ईरान-इस्राइल तनाव में अहम रही भूमिका
अमेरिका और कई अन्य देशों ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया है। सलामी की अगुवाई में IRGC ने और अधिक आक्रामक रुख अपनाया। मौजूदा ईरान-इस्राइल तनाव में भी सलामी की भूमिका अहम रही। 

खामेनेई के करीबी माने जाते थे सलामी
हुसैन सलामी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी माने जाते थे। वह सीधे खामेनेई को रिपोर्ट करते थे। सलामी का मानना था कि सैन्य ताकत के दम पर ही ईरान की संप्रभुता और क्रांति की रक्षा की जा सकती है। 

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