न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की। लक्सन ने इस बैठक में दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के महत्व पर जोर दिया। यह बैठक शुक्रवार को हुई। क्रिस्टोफर लक्सन 2023 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली चीन यात्रा पर हैं। वे चीन के वाणिज्यिक केंद्र शंघाई में अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं के साथ दो दिनों की बैठकों के बाद बीजिंग के लिए रवाना हुए।
बैठक के बाद उन्होंने कहा कि हमारे व्यापारिक और आर्थिक संबंध एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों देशों की समृद्धि में योगदान करते हैं। लक्सन ने कहा इस बैठक में दूसरे मुद्दों को भी उठाया गया। इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चल रहे तनाव को कम करने की जरूरत और युद्ध जैसी वैश्विक चुनौतियों को हल करने के लिए चीन की ओर से निभाई जा सकने वाली बड़ी भूमिका को बताया। लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक से संबंधित पोस्ट किया। इसमें कहा गया कि एक जटिल दुनिया में, खुला संवाद पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
चीनी सरकारी मीडिया ने बताया कि शी ने कहा कि दोनों देशों को अपने मतभेदों को दूर रखते हुए साझा आधार पर सहमत होने की जरूरत है। उन्होंने व्यापार और निवेश सहयोग को गहरा करने और जलवायु जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावना तलाशने का आह्वान किया।
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है, जब चीन और कुक द्वीप समूह के बढ़ते संबंधों को लेकर न्यूजीलैंड ने चिंता जताई। एक दिन पहले न्यूजीलैंड ने बड़ा कदम उठाते हुए कुक द्विप को दी जाने वाली लाखों डॉलर की मदद को रोक दिया। दरअसल, न्यूजीलैंड प्रशांत महासागर के इस छोटे से द्विप का सबसे बड़ा वित्तपोषक है। हाल के वर्षों में चीन के साथ संबंधों को लेकर अन्य प्रशांत द्वीपों और उनके बड़े क्षेत्रीय समर्थकों ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच संबंध खराब हुए हैं। इसके पीछे है चीन, जो प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाता जा रहा है।