Kim Yo Jong: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की प्रभावशाली बहन किम यो-जोंग ने पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया की सराहना की है। आमतौर पर वह दक्षिण कोरिया को अपना दुश्मन मानती रही हैं, लेकिन अब उनका रुख नरम पड़ता नजर आ रहा है। यह बदलाव दक्षिण कोरिया की ओर से दिए गए एक बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया की सीमा में ड्रोन घुसपैठ पर खेद जताया था।
समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, यो-जोंग ने गुरुवार को कहा कि वह दक्षिण कोरिया के वादे और दावे की काफी प्रशंसा करती हैं। दक्षिण कोरिया ने ड्रोन घुसपैठ की जिम्मेदारी स्वीकार की है और सीमा पर सतर्कता बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
पार्टी की उप-विभाग प्रमुख यो-जोंग ने कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के माध्यम से यह टिप्पणी की। एक दिन पहले दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने उत्तर कोरिया में ड्रोन हमलों पर अफसोस व्यक्त किया था और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई कदमों की घोषणा की थी। यो-जोंग ने बयान में कहा कि वह मंत्री चुंग की सराहना करती हैं, जिन्होंने उत्तर कोरिया के हवाई क्षेत्र में ड्रोन भेजने की बात को आधिकारिक रूप से कबूल किया है और दोबारा ऐसा न होने देने का वचन दिया है।
पिछले दिन एक प्रेस सम्मेलन में चुंग ने माना कि जांच के आधार पर, दक्षिण कोरियाई नागरिकों ने सितंबर से फरवरी के बीच चार बार उत्तर कोरिया में ड्रोन भेजे थे, जिसमें उत्तर कोरिया द्वारा बताए गए दो मामले भी शामिल हैं। चुंग ने कहा कि सोल 2018 के सैन्य समझौते की समीक्षा करेगा और इसे फिर से लागू करने का प्रयास करेगा। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों की सीमा पर दुश्मनी को कम करना है, जिसमें उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र भी शामिल हैं, ताकि ड्रोन घुसपैठ जैसी घटनाएं दोबारा न हों।
क्या था पूरा ड्रोन विवाद
इस साल जनवरी में, प्योंगयांग ने सोल पर सितंबर 2025 और 4 जनवरी 2026 को निगरानी उपकरणों से लैस ड्रोन भेजने का आरोप लगाया था, जिसके बाद दक्षिण कोरियाई सरकार ने जांच शुरू की थी।
किम यो-जोंग ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा फिर हुआ तो दक्षिण कोरिया को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे, चाहे इसके पीछे कोई भी हो या किसी भी तरीके से किया गया हो।
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